Марои муҳаббати ту дар миён ҷон бошад
مرا محبّتِ تو در میانِ جان باشد
На ҳам чу муддаӣон бар сар забон бошад
نه هم چو مدّعیان بر سرِ زبان باشد
Гар иттисол набошад ба ҷисм чтўон кард
گر اتّصال نباشد به جسم چتوان کرد
Хулосаи дилу ҷон бо ту дар миён бошад
خلاصۀ دل و جان با تو در میان باشد
Тамоми ишқи ту бории марои зи ман бастад
تمام عشقِ تو باری مرا ز من بستد
Муҳаббати азалиро ҳамин нишон бошад
محبّتِ ازلی را همین نشان باشد
Туе ниҳони ману ошкори ман чаҳ ғам аст
تویی نهانِ من و آشکارِ من چه غم است
Гар ошкор шавад роз агар ниҳон бошад
گر آشکار شود راز اگر نهان باشد
Назар чаҳ гӯнаи з рӯй ту бртўонм дошт
نظر چه گونه ز روی تو برتوانم داشت
Гарм ба ҳар мижа дар дидаи сад синон бошад
گرم به هر مژه در دیده سد سنان باشد
Нафас чаҳ гӯна занад бо касе дигар ҳаргиз
نفس چه گونه زند با کسی دگر هرگز
Касе ки ҳам нафасаш чун ту меҳрбон бошад
کسی که هم نفسش چون تو مهربان باشد
Насими перҳани Юсуф ар чаҳ дар мӯъҷиз
نسیمِ پیرهنِ یوسف ار چه در معجز
Миёни халқ чу афсона достон бошад
میانِ خلق چو افسانه داستان باشد
Вале хавоси арақи чини нозук ту надошт
ولی خواصِ عرق چینِ نازکِ تو نداشت
Ки накҳаташи мадади умр ҷовдон бошад
که نکهتش مددِ عمرِ جاودان باشد
Гар илтифот кунӣ як назари тамом буд
گر التفات کنی یک نظر تمام بود
Хуҷастаи бахт касе каши қабул он бошад
خجسته بختِ کسی کش قبولِ آن باشد
Зиҳии саодату давлат агар нзорӣ ро
زهی سعادت و دولت اگر نزاری را
Маҳали бандагии ҳазратӣ чунон бошад
محّلِ بندگیِ حضرتی چنان باشد
зи об дида кунад бар дар ту фаррошӣ
ز آبِ دیده کند بر درِ تو فرّاشی
Агар чу хоки маҷолаш бар остон бошад
اگر چو خاک مجالش بر آستان باشد