Сорибони ҳушёру уштури зери маҳмил маст шуд
ساربان هشیار و اشتر زیر محمل مست شد
Корвонӣ чун шутури манзил ба манзил маст шуд
کاروانی چون شتر منزل به منزل مست شد
На ғалат кардам ки зери дасту поиш ҳар куҷо
نه غلط کردم که زیر دست و پایش هر کجا
Бргзшт аз хосияти ҳам об ва ҳам гул маст шуд
برگذشت از خاصیت هم آب و هم گل مست شد
Кист он хуршед дар абри иморӣ май ба даст
کیست آن خورشید در ابر عماری می به دست
КоФтоб аз рашки он шаклу шамоил маст шуд
کآفتاب از رشک آن شکل و شمایل مست شد
Чок зад чун домани гули пардаи аҳли салоҳ
چاک زد چون دامن گل پرده اهل صلاح
Каз хумори наргисаши ҳушёру оқил маст шуд
کز خمار نرگسش هشیار و عاقل مست شد
Буи Лайлӣ мекунад ошуфтаи мағзи асҳоб ро
بوی لیلی می کند آشفته مغز اصحاب را
Айб натавон кард агар маҷнӯн бедил маст шуд
عیب نتوان کرد اگر مجنون بی دل مست شد
Аз насими чин зулфаш мешавад беҳушу ақл
از نسیم چین زلفش می شود بی هوش و عقل
Рост чун девона каз буии слосл маст шуд
راست چون دیوانه کز بوی سلاسل مست شد
Бар нзорӣ гар кунад ошуфта рое айб нест
بر نزاری گر کند آشفته رایی عیب نیست
Бедилӣ бар буии гул ҳамчун ънодл маст шуд
بی دلی بر بوی گل همچون عنادل مست شد