Ман аз дар ту ба ҷое дигар нахоҳам шуд

من از در تو به جایی دگر نخواهم شد

Ба теғи тези зи Кувайт ба дар нахоҳам шуд

به تیغ تیز ز کویت به در نخواهم شد

Чунин ки мастам аз он ҳар ду чашми махмурат

چنین که مستم از آن هر دو چشم مخمورت

Ба растхези қиёмат хабар нахоҳам шуд

به رستخیز قیامت خبر نخواهم شد

Назар ба ман кун агар ишқи поки хоҳии бохт

نظر به من کن اگر عشق پاک خواهی باخت

Ки ман мтобъи кӯтаҳ назар нахоҳам шуд

که من متابع کوته نظر نخواهم شد

Ман аз ҳарорати ширин чунон бсухта ам

من از حرارت شیرین چنان بسوخته ام

Ки баъд аз ин ба ҳавоӣ шукр нахоҳам шуд

که بعد از این به هوای شکر نخواهم شد

Падари итоб ҳаме кард каз ҷунуни ту ман

پدر عتاب همی کرد کز جنون تو من

Ба назд мардуми оқил дигар нахоҳам шуд

به نزد مردم عاقل دگر نخواهم شد

Ҷавоб додам бобои магари ту пиндорӣ

جواب دادم بابا مگر تو پنداری

Казин ки ҳастам девона тар нахоҳам шуд

کزین که هستم دیوانه تر نخواهم شد

Гурез чун кунам аз ҳукми Авестоади азал

گریز چون کنم از حکم اوستاد ازل

Ба нардбони з бар чарх бар нахоҳам шуд

به نردبان ز برِ چرخ بر نخواهم شد

На марди ақламу таҳсил ишқ хоҳам кард

نه مرد عقلم و تحصیل عشق خواهم کرد

Ба қавли муддаӣон беҳунар нахоҳам шуд

به قول مدعیان بی هنر نخواهم شد

зи нанги он ки нзорӣ оқилам хонанд

ز ننگِ آن که نزاریِ عاقلم خوانند

Дигар ба ишқ чу маҷнӯн смр нахоҳам шуд

دگر به عشق چو مجنون سمر نخواهم شد