Маро ба дарди дил аз дӯстон ҷудо карданд
مرا به دردِ دل از دوستان جدا کردند
Чаҳ бад ки бо ман дарвеш мубтало карданд
چه بد که با منِ درویشِ مبتلا کردند
Ба дил ҷудо натавон кард дӯстро аз дӯст
به دل جدا نتوان کرد دوست را از دوست
Ки дӯстонро як дили з ибтидо карданд
که دوستان را یک دل ز ابتدا کردند
зи фарти ҳасани дили овези хуби рӯйон буд
ز فرطِ حسنِ دلآویزِ خوبرویان بود
Ҷамоатӣ ки тақарруб ба инзиво карданд
جماعتی که تقرّب به انزوا کردند
Ба ҳарзаи воситаи дарди ман чаро гаштанд
به هرزه واسطه دردِ من چرا گشتند
Хилофи қоъдҳءи аҳли дил чаро карданд
خلافِ قاعدهء اهلِ دل چرا کردند
зи турраҳои парешон ба як кршмҳءи ҳасан
ز طرّههایِ پریشان به یک کرشمهء حسن
Ҳазор шефтаи ошуфтатар з мо карданд
هزار شیفته آشفته تر ز ما کردند
Камар ба бандагии дӯст бар миёни бастам
کمر به بندگیِ دوست بر میان بستم
Авоми перҳани стар мо қабо карданд
عوام پیرهن سَتر ما قبا کردند
Ҷҳўли тарки ману мои худ наме гирад
جهول ترکِ من و مایِ خود نمیگیرد
Ки ҳам ба ройу қиёси худ иқтидо карданд
که هم به رای و قیاسِ خود اقتدا کردند
Ба ним ҷӯи ғами дунёу охират бар ман
به نیم جو غمِ دنیا و آخرت بر من
Биҳишт ва ҳур гирифтам ки пар баҳо карданд
بهشت و حور گرفتم که پر بها کردند
Ду ваҷҳи лозим ҳоланд интизору фироқ
دو وجه لازم حالاند انتظار و فراق
Ки пушти тоқати сабру хиради ду то карданд
که پشتِ طاقتِ صبر و خرد دو تا کردند
Ҳазор бор барандохт хону мони вараъ
هزار بار برانداخت خان و مانِ ورع
Стизҳءи уқалои ақлро фидо карданд
ستیزهء عقلا عقل را فدا کردند
Ба дӯст гуфт нзории шабӣ ба ваҷҳи суол
به دوست گفت نزاری شبی به وجهِ سوال
Ки дар ҷунуди маро бо ту ошно карданд
که در جنود مرا با تو آشنا کردند
Ҷавоб дод ки ореи маро наме доне
جواب داد که آری مرا نمیدانی
Ки ишқро мутасарриф на ақлро карданд
که عشق را متصرّف نه عقل را کردند
Чу ақл ва нафас бидиданд дар бдоити кор
چو عقل و نفس بدیدند در بدایتِ کار
Ки ҳол чист сабки тарк моҷаро карданд
که حال چیست سبک ترکِ ماجرا کردند
Варои ишқу фурӯди хирад чаҳ май хоҳӣ
ورایِ عشق و فرودِ خرد چه میخواهی
Турои мёнҳءи ин ҳар ду кун ҷо карданд
ترا میانهء این هر دو کون جا کردند