Ин ҳурёни магари з самовот ме расанд
این حوریان مگر ز سماوات میرسند
ё худ зи хайли хона ҷинот ме расанд
یا خود ز خیل خانۀ جنّات میرسند
Гӯйии магар гурехтаанд аз биҳишти адан
گویی مگر گریختهاند از بهشتِ عدن
Мстъҷлони зи баҳр мулоқот ме расанд
مستعجلان ز بهرِ ملاقات میرسند
ё аз барои тўФ ба дунё даромаданд
یا از برای طوف به دنیا درآمدند
ё аз паии вуфӯр муҳимот ме расанд
یا از پیِ وفورِ مهمّات میرسند
Неи неи қарина Эй дигараст ин суол ро
نینی قرینهای دگرست این سئوال را
Меҳмони мо зи маҳз каромот ме расанд
مهمانِ ما ز محضِ کرامات میرسند
Бисёр бардаем ба ҳоҷати ниёзи хеш
بسیار بردهایم به حاجت نیازِ خویش
Бар мӯҷиби қабул муноҷот ме расанд
بر موجبِ قبولِ مناجات میرسند
Мо худ ба ҳақи худ брсидиму лои маҳол
ما خود به حقِّ خود برسیدیم و لا محال
Бо ҳақи худ ба ваҷҳ мукофот ме расанд
با حقِّ خود به وجهِ مکافات میرسند
Ҳар қавмро ки мегузаронанд азин мақом
هر قوم را که میگذرانند ازین مقام
Қавмӣ дигар зи олам томот ме расанд
قومی دگر ز عالمِ طامات میرسند
Ореи чунин буд ки бдоёти даврҳо
آری چنین بود که بدایات دورها
Бо сар баранд чун ба нҳоёт ме расанд
با سر برند چون به نهایات میرسند
Аввали зи лоолаҳ ба أло аллоҳ омаданд
اوّل ز لااله به ألّا الله آمدند
Аз нафй бигузаранд ва ба исбот ме расанд
از نفی بگذرند و به اثبات میرسند
Моиему пери хешу хароботи ошиқон
ماییم و پیرِ خویش و خراباتِ عاشقان
Ҳам орифон ба сар харобот ме расанд
هم عارفان به سرِّ خرابات میرسند
Онҳо ки дар бдоит фитрат бамурда анд
آنها که در بدایتِ فطرت بمردهاند
Мушкил ба зиндагӣ қиёмот ме расанд
مشکل به زندگیِ قیامات میرسند
Неи мушкилоти сар ва ълн мекунанд ҳал
نی مشکلاتِ سرّ و علن میکنند حلّ
Не дар румузи баҳс мақолот ме расанд
نی در رموزِ بحثِ مقالات میرسند
Дар зоти дӯсти маҳви шӯи охири нзорё
در ذاتِ دوست محو شو آخر نزاریا
Ҳам зот комиланд ки дар зот ме расанд
هم ذاتِ کاملاند که در ذات میرسند