Ки дидаи сети чашмӣ ки дарё буд

که دیده ست چشمی که دریا بود

Ҳамаи гирди дарёи сурайё буд

همه گرد دریا ثریا بود

Ки дидаи сети баҳрӣ ки пиромнш

که دیده ست بحری که پیرامنش

Музайян ба лўлўии лоло буд

مزین به لولوی لالا بود

Муҳӣтӣ ки қаъраш набошад падед

محیطی که قعرش نباشد پدید

Дар ӯ мардуми дидаи пайдо буд

در او مردم دیده پیدا بود

Гринаст пайдои биё гӯ бибин

گرین است پیدا بیا گو ببین

Ки набӯд муҳӣтии чунин ё буд

که نبود محیطی چنین یا بود

Манам он ки пайваста аз оби чашм

منم آن که پیوسته از آب چشم

Чунин фатҳи боБами муҳайё буд

چنین فتح بابم مهیا بود

Ба чашмии чунин ҷуз ба дидори дӯст

به چشمی چنین جز به دیدار دوست

Муяссар набошад ки бино буд

میسر نباشد که بینا بود

Дилӣ дорам аз оби зари ношикеб

دلی دارم از آب زر ناشکیب

Валикин дар оташи шикеб буд

ولیکن در آتش شکیبا بود

Ки дидаи сети охири нишонеи чунин

که دیده ست آخر نشانی چنین

Ки ҳам обу оташ ба як ҷо буд

که هم آب و آتش به یک جا بود

Касеро ки бар шамъи рухсори дӯст

کسی را که بر شمع رخسار دوست

Зада дар сари оташи зи саҳбо буд

زده در سر آتش ز صهبا بود

Агар малики рӯмаш мусаллам шавад

اگر ملک رومش مسلم شود

Чу парвонаи фориғи зи парво буд

چو پروانه فارغ ز پروا بود

Чу парвонаи бушковат агар пар бсухт

چو پروانه بشکفت اگر پر بسوخت

Барин шамъи парвонаи анқо буд

برین شمع پروانه عنقا بود

Ки шамъи фалак дар шабистони ишқ

که شمع فلک در شبستان عشق

Сросимаҳи парвонаи осо буд

سرآسیمه پروانه آسا بود

зи мо ҳеҷ ноед балии ҳеҷ кам

ز ما هیچ ناید بلی هیچ کم

Магари хотири дӯст бо мо буд

مگر خاطر دوست با ما بود

Маро нест бо буду нобӯди кор

مرا نیست با بود و نابود کار

Нзории туфайли тавалло буд

نزاری طفیل تولا بود

Бигӯед то сари асрори ман

بگویید تا سر اسرار من

Румузи муҳаққиқи муаммо буд

رموز محقق معما بود