Нзорӣ ки ниёзаш ба аҳли роз буд

نزاری که نیازش به اهل راز بود

Чаҳ гӯна тавба кунад вар кунад муҷоз буд

چه گونه توبه کند ور کند مجاز بود

Чу ман касе ки буд май парасту шоҳдбоз

چو من کسی که بود می پرست و شاهدباز

Маро қабул набошад ки тавбаи боз буд

مرا قبول نباشد که توبه باز بود

Магар ки дида бидӯзӣ з рӯй хуб ар на

مگر که دیده بدوزی ز روی خوب ار نه

Назар назора кунад то ду дидаи боз буд

نظر نظاره کند تا دو دیده باز بود

Ба ҳар куҷои бхромди тзрўи рафторӣ

به هر کجا بخرامد تذرو رفتاری

эй хотири ман бар қафо чу боз буд

همای خاطر من بر قفا چو باز بود

Бар обгинаи дардам ҳануз боқӣ ҳост

بر آبگینه دردم هنوز باقی هاست

Чу бо сафо набӯд тавба бенамоз буд

چو با صفا نبود توبه بی نماز بود

Раво буд ки чу ман хамрии хроботӣ

روا بود که چو من خمری خراباتی

зи маҷлис майу мутриб дар эҳтироз буд

ز مجلس می و مطرب در احتراز بود

Ба каъба қибла кунад мунзавӣ барои намоз

به کعبه قبله کند منزوی برای نماز

Валек қиблаи озодагони ниёз буд

ولیک قبله آزادگان نیاز بود

Шубон то ба саҳари мӯҳтасиб чаҳ ме донад

شبان تا به سحر محتسب چه می داند

Ки дӯстонро бо дӯстон чаҳ роз буд

که دوستان را با دوستان چه راز بود

Агар ба мартаба султон шавад нзории ишқ

اگر به مرتبه سلطان شود نزاری عشق

Чу ҳокимаст ҳамон бандаи Аёз буд

چو حاکم است همان بنده ایاز بود