Моро на мумкинаст ки аз ту ба сар шавад

ما را نه ممکن است که از تو به سر شود

Гар ҳукми офариниши олам дигар шавад

گر حکمِ آفرینشِ عالم دگر شود

Ором нест як нафасам дар фироқи ту

آرام نیست یک نفسم در فراقِ تو

Сабрами муяссар аз ту дариғо агар шавад

صبرم میسّر از تو دریغا اگر شود

Гар ҷурми офтоби бипушад шигифт нест

گر جرمِ آفتاب بپوشد شگفت نیست

Аз дӯди оҳи ман ки ба болой сар шавад

از دودِ آهِ من که به بالایِ سر شود

Номи ту бар забони қалам май даҳуми бурун

نامِ تو بر زبانِ قلم می دهم برون

Бигзор то серум ба сари хома дар шавад

بگذار تا سرم به سرِ خامه در شود

Ҳар ҷон ки дил ба абрӯии ҳам чун камон диҳад

هر جان که دل به ابرویِ هم چون کمان دهد

Бояд ки пеши тири маломат сипар шавад

باید که پیشِ تیرِ ملامت سپر شود

Кӯи ҳимматӣ ки бар шаканд аз вуҷӯди хеш

کو همّتی که بر شکند از وجودِ خویش

То қиссаи мтўли мо мухтасар шавад

تا قصّۀ مطوّلِ ما مختصر شود

Май боядам ки маҳв шавам дар камоли дӯст

می بایدم که محو شوم در کمالِ دوست

Зон пештар ки муддаӣонро хабар шавад

زان پیش تر که مدّعیان را خبر شود

Ҷонам дар орзӯии ҷамолати зи баси шитоб

جانم در آرزویِ جمالت ز بس شتاب

Ҳар дами гумон барам ки зи қолаб ба дар шавад

هر دم گمان برم که ز قالب به در شود

То пас на дайри зуд дар атрофи коинот

تا پس نه دیر زود در اطرافِ کاینات

Ҳасани ту ҳам чу номи нзорӣ смр шавад

حسنِ تو هم چو نامِ نزاری سمر شود