Оҳи надомати зи шайхи вшоб бар ояд
آهِ ندامت ز شیخ وشاب بر آید
Ореи чандон ки офтоб бар ояд
آری چندان که آفتاب بر آید
Ишқи дамӣ дар дамад ба сувари муҳаббат
عشق دمی در دمد به صورِ محبّت
Бӯ ки сари хуфтагони з хоб барояд
بو که سرِ خفتگان ز خواب برآید
Аз ҷигари мунтазири нўоири ҳасрат
از جگرِ منتظر نوایرِ حسرت
Дар ҷасади оли Бутуроб бар ояд
در جسدِ آلِ بوتراب بر آید
Ҳеҷ намонда сет каз хзоини золим
هیچ نمانده ست کز خزاینِ ظالم
Бонг ба тороҷ инқилоб барояд
بانگ به تاراجِ انقلاب برآید
Барқи муҳаббати муҳӣт ақл бисӯзад
برقِ محبّت محیطِ عقل بسوزد
Оташи ишқ аз миён об барояд
آتشِ عشق از میانِ آب برآید
Соъиқаи ишқ агар шавад мутавотир
صاعقۀ عشق اگر شود متواتر
Дӯди азин тӯда хароб барояд
دود ازین تودۀ خراب برآید
Ҳосид агар қуръа ӣӣ занад ба тФол
حاسد اگر قرعه یی زند به تفال
Дар ҳақ ӯ оя азоб барояд
در حقِ او آیۀ عذاب برآید
Дар ҳақи мо ҳар ки бади сголд ва гуяд
در حقِ ما هر که بد سگالد و گوید
Рӯзи мукофот аз савоб барояд
روزِ مکافات از ثواب برآید
Оташи оҳам агар ба дайри дроФтд
آتشِ آهم اگر به دیر درافتد
Дӯди зи хами хона шароб барояд
دود ز خُم خانۀ شراب برآید
Моу хароботи ишқи рағми аду ро
ما و خراباتِ عشق رغمِ عدو را
Ҷони зи таниш то ба тафт ва тоб барояд
جان ز تنش تا به تفت و تاب برآید
Маҷлиси мо хуштар аз биҳишт ки ҳар дам
مجلسِ ما خوش تر از بهشت که هر دم
Ҳўрўшии дигар аз ниқоб барояд
حوروشی دیگر از نقاب برآید
Пеши рубоб аз фироқ дъд бинолад
پیشِ رباب از فراقِ دعد بنالد
Зории зераш чу аз рубоб барояд
زاریِ زیرش چو از رباب برآید
Бахт дигар борагар дарӣ бигушоед
بخت دگر باره گر دری بگشاید
Коми нзории зи фатҳ боб барояд
کامِ نزاری ز فتحِ باب برآید
Оре агар фитраташи муносиб ҳол аст
آری اگر فطرتش مناسبِ حال است
Даъвати мазлӯм мустаҷоб барояд
دعوتِ مظلوم مستجاب برآید
Давлат агар худ мусоидат накунад ҳеҷ
دولت اگر خود مساعدت نکند هیچ
Фитнаи зи таскин ба изтироб барояд
فتنه ز تسکین به اضطراب برآید