Охири шаби ҷудои рӯзии магари сроид

آخر شبِ جدایی روزی مگر سرآید

Ваон офтоби васлат аз ҷонибӣ барояд

وان آفتابِ وصلت از جانبی برآید

Ту сар кашида ва ман тавқи вафо ба гардан

تو سر کشیده و من طوقِ وفا به گردن

Сокин ки асби ҳасанати ногуҳ ба сари даройад

ساکن که اسبِ حسنت ناگه به سر درآید

эй сарви боғи ҷонами бхром то ба бустон

ای سروِ باغِ جانم بخرام تا به بستان

Каз қомати баландати хам дар санавбар ояд

کز قامتِ بلندت خم در صنوبر آید

Дармон чаҳ мекунад дили дард аз ту роҳат омад

درمان چه می کند دل درد از تو راحت آمد

Марҳам чаҳ май наад ҷони захм аз ту хуш тар ояд

مرهم چه می نهد جان زخم از تو خوش تر آید

Дар ишқи марди содиқи ҳам чун халил бояд

در عشق مردِ صادق هم چون خلیل باید

То вақти озмоиш оташ бирав барояд

تا وقتِ آزمایش آتش برو برآید

Он ҷо ки бе муҳобои тири бало равон шуд

آن جا که بی محابا تیرِ بلا روان شد

Мардии тамом бояд то дар баробар ояд

مردی تمام باید تا در برابر آید

эй пой мол карда бе худ нзории ?ут ро

ای پای مال کرده بی خود نزاری ات را

Оре чу бар сар ое бошад ки бар сар ояд

آری چو بر سر آیی باشد که بر سر آید