Нишастаам мутарассид ки ёр боз ояд

نشسته ام مترصّد که یار باز آید

Қарордоди магар ба қарор бозояд

قرارداد مگر به قرار بازآید

Чу ҳалқаи камараш дар миён кунам дастӣ

چو حلقۀ کمرش در میان کنم دستی

Гар ба ваъдаи бӯсу канор боз ояд

گر به وعدۀ بوس و کنار باز آید

Магари мувофиқ бахтам шавад чу ахтари саъд

مگر موافقِ بختم شود چو اخترِ سعد

Хилофи қоида рӯзгор бозояд

خلافِ قاعدۀ روزگار بازآید

Рақиби монеъ ӯ шуд вале магари ҳам зуд

رقیب مانع او شد ولی مگر هم زود

Чу бугзарад даии ҳиҷрони баҳор боз ояд

چو بگذرد دیِ هجران بهار باز آید

Агарчӣ дайр шуд аз рафтанаш вале дорам

اگرچه دیر شد از رفتنش ولی دارم

Умеди он ки пас аз интизор боз ояд

امّیدِ آن که پس از انتظار باز آید

Яке чу бо шаҳи ҳасанаш шикоргар набӯд

یکی چو با شۀ حسنش شکارگر نبود

Агар ба ҷксаҳи бахтам ҳазор бозояд

اگر به جکسۀ بختم هزار بازآید

Бигӯ ба ёр сафар кардае сабои зинҳор

بگو به یارِ سفر کرده ای صبا زنهار

Ба хӯн мо нахурд зинҳор бозояд

به خونِ ما نخورد زینهار بازآید

Ҳануз бар паии дил май рӯми з бе корӣ

هنوز بر پیِ دل می روم ز بی کاری

Бидон умед ки рӯзӣ ба кор боз ояд

بدان امید که روزی به کار باز آید

Рубоби вори кашами гӯши моли дъди фироқ

رباب وار کشم گوش مالِ دعدِ فراق

Магар ба чанги нзорӣ зор бозояд

مگر به چنگِ نزاریِ زار بازآید

Дилии пар аз гила дорам зи дӯстони ду рӯй

دلی پر از گله دارم ز دوستانِ دو روی

Тиҳӣ кунам агарам роздор бозояд

تهی کنم اگرم رازدار بازآید