Зиҳии мурод агар аз даст рафта бозояд
زهی مراد اگر از دست رفته بازآید
Ба даст ваона умеди ман чу бозояд
به دست وانۀ امّیدِ من چو بازآید
Ситези айби кунонро вафоӣ аҳд кунад
ستیزِ عیب کنان را وفایِ عهد کند
Хилофи муддаӣонро ба сулҳ бозояд
خلافِ مدّعیان را به صلح بازآید
Марои з ман бастанд збс ки бинавозад
مرا ز من بستاند زبس که بنوازد
Хаёл ӯ чу ба болини ман фароз ояд
خیالِ او چو به بالینِ من فراز آید
Азоби рӯзи қиёмати ҳамин буд ки дилам
عذابِ روزِ قیامت همین بود که دلم
Ҳазор бор ба ҷон аз шаб дароз ояд
هزار بار به جان از شبِ دراز آید
Агар ба бути кодае дар шавад аҷаб набӯд
اگر به بت کده ای در شود عجب نبود
Ки пеш ӯ ҳбл аз тоқ дар намоз ояд
که پیشِ او هُبل از طاق در نماز آید
Гул аз таровати рӯйиш хаҷал шавад дар боғ
گل از طراوتِ رویش خجل شود در باغ
Чу сарви қомати ҳасанаш дар эҳтизоз ояд
چو سروِ قامتِ حسنش در اهتزاز آید
Аз он гуруҳ ки ҳам роҳ ва ҳам всоқ вай анд
از آن گروه که هم راه و هم وثاقِ وی اند
Мусофирон дигарро ҳазор ноз ояд
مسافرانِ دگر را هزار ناز آید
Ба корвони гуҳи ҳасанаш чу хайма берун зад
به کاروان گهِ حسنش چو خیمه بیرون زد
Рақиби раҳи надиҳад ҳар ки беҷавоз ояд
رقیب ره ندهد هر که بی جواز آید
Яқин ки зуд ба бегонагӣ бар оради сар
یقین که زود به بی گانگی بر آرد سر
Касе ки ҳам раҳ ӯ аз сар муҷоз ояд
کسی که هم رهِ او از سرِ مَجاز آید
Буруни шӯши зи балои ҷуз ҳамин наме донам
برون شوش ز بلا جز همین نمی دانم
Ки эътироз наёрад дар эҳтироз ояд
که اعتراض نیارد در احتراز آید
Ба бад дилӣ натавон бар бисот ишқ нишаст
به بد دلی نتوان بر بساطِ عشق نشست
Магар дар аввали ин бохт пок бозояд
مگر در اوّلِ این باخت پاک بازآید
Халосам аз ғам ӯ бе худии сети шодии онк
خلاصم از غمِ او بی خودی ست شادیِ آنک
Марои сабоҳ ба як чораи чора соз ояд
مرا صباح به یک چاره چاره ساز آید
Алоҷи дарди нзории ҳамин ва ҳеҷ дигар
علاجِ دردِ نزاری همین و هیچ دگر
Ниёзманд ба даргоҳ бениёз ояд
نیازمند به درگاهِ بی نیاز آید