Ин чаҳ бӯеи сет ки аз бод сабо ме ояд

این چه بویی‌ست که از بادِ صبا می‌آید

Вена чаҳ мурғии сет ки аз сӯй сабо ме ояд

وین چه مرغی‌ست که از سویِ سبا می‌آید

Қосиди ҳазрати Лайлӣ чаҳ хабар ме гуяд

قاصدِ حضرتِ لیلی چه خبر می ‌گوید

Буии пероҳани Юсуфи з куҷо ме ояд

بویِ پیراهنِ یوسف ز کجا می‌آید

Гӯйии ин боди дили овези бад-ӣни хуши бӯе

گویی این بادِ دل آویز بدین خوش‌بویی

Аз сари зулфи ҷгргўшаҳ мо ме ояд

از سرِ زلفِ جگرگوشهٔ ما می‌آید

Имшаб эй ҳам нафаси субҳгар аз ман пурсад

امشب ای هم نفسِ صبح گر از من پرسد

Гӯ ҳанузаш нафасии ҳам ба раҷо ме ояд

گو هنوزش نفسی هم به رجا می‌آید

Ба чаҳ машғӯли ббошм ки фаромӯш кунам

به چه مشغول بباشم که فراموش کنم

Ёр ва аз ҳарчӣ кунам ёд ки во ме ояд

یار و از هرچه کنم یاد که وا می‌آید

Ман бар онам ки ба маҳшар чу бронгизндм

من بر آنم که به محشر چو برانگیزندم

Ҳамчунон аз лаҳадами буи вафо ме ояд

همچنان از لحدم بویِ وفا می‌آید

Ба ду абрӯии камонат ки ба сари бозоим

به دو ابرویِ کمانت که به سر بازآیم

Пеши он тир ки аз шаст шумо ме ояд

پیشِ آن تیر که از شستِ شما می‌آید

Талху ширин ки аз он даст буд фарқӣ нест

تلخ و شیرین که از آن دست بود فرقی نیست

Ҳарчӣ аҳбоб фиристанд ато ме ояд

هرچه احباب فرستند عطا می‌آید

То ба болои ту дар менагарм бокӣ нест

تا به بالایِ تو در می‌نگرم باکی نیست

Гар зи болои серуми санг бало ме ояд

گر ز بالایِ سرم سنگِ بلا می‌آید

Он ки муштоқ ту бошад агар бар сари теғ

آن که مشتاقِ تو باشد اگر بر سرِ تیغ

Рафта бошад чу ту гӯйӣ ки биё ме ояд

رفته باشد چو تو گویی که بیا می‌آید

Муътақид бок надорад ки дар оташ чу халил

معتقد باک ندارد که در آتش چو خلیل

Агараш дӯст бигӯед ба ризо ме ояд

اگرش دوست بگوید به رضا می‌آید

Марди ин роз набудем вале санги ниёз

مردِ این راز نبودیم ولی سنگِ نیاز

Ҳамаи барпоу сар бесар ва по ме ояд

همه برپا و سرِ بی سر و پا می‌آید

Гӯи сипари ҳам чу нзорӣ ба сар об андоз

گو سپر هم چو نزاری به سرِ آب انداز

Ҳаркиро тири маломати з қафо ме ояд

هرکه را تیرِ ملامت ز قفا می‌آید