зи бас ки дар назарам офтоб ме ояд

ز بس که در نظرم آفتاب می‌آید

зи чашми мардумаки дида об ме ояд

ز چشمِ مردمکِ دیده آب می‌آید

Ҳамеи гузашт ба таъҷил ва хотирам ме гуфт

همی‌گذشت به تعجیل و خاطرم می‌گفت

Фурӯи гурез ки маст хароб ме ояд

فرو گریز که مستِ خراب می‌آید

Кабӯтарӣ ки ншимнгҳши ҳавоӣ дил аст

کبوتری که نشیمنگهش هوایِ دل است

Ба сайд кардани ҷон чун уқоб ме ояд

به صید کردنِ جان چون عقاب می‌آید

Ҳаё намекунад аз мардум ва наме тарсад

حیا نمی‌کند از مردم و نمی‌ترسد

зи чашми бад ки чунон бениқоб ме ояд

ز چشمِ بد که چنان بی‌نقاب می‌آید

Хаданги ғамза ӯ бар дилам хато нашавад

خدنگِ غمزۀ او بر دلم خطا نشود

Вагар хатост мроҳм савоб ме ояд

وگر خطاست مراهم صواب می‌آید

Дилам бар оташ ва афсурдагон наме донанд

دلم بر آتش و افسردگان نمی‌دانند

Ки буии сӯхтагӣ зон кабоб ме ояд

که بویِ سوختگی زان کباب می‌آید

Фироқи сахт карӣаасту сабри мстъҷл

فراق سخت کریه است و صبر مستعجل

Матоъи нозуку хар дар хлоб ме ояд

متاع نازک و خر در خلاب می‌آید

На синаро ба чунин рӯз ишқ ме созад

نه سینه را به چنین روز عشق می‌سازد

На дидаро ба чунин дида хоб ме ояд

نه دیده را به چنین دیده خواب می‌آید

Сару димоғи гарони ҷонӣ нзорӣ нест

سر و دماغِ گران جانیِ نزاری نیست

Маро ки тавқи гиребон таноб ме ояд

مرا که طوقِ گریبان طناب می‌آید