зи боди буии арақи чин ёр ме ояд

ز باد بویِ عرق چینِ یار می‌آید

Хусӯси он ки насим баҳор ме ояд

خصوص آن که نسیمِ بهار می‌آید

Чу сари зи ҷайби арақ чин баровард гӯйӣ

چو سر ز جیبِ عرق چین برآورد گویی

Насими хулди зи дор алқрор ме ояд

نسیمِ خلد ز دار القرار می‌آید

Кадоми оҳӯии мишкӣн ки дар рикоби баҳор

کدام آهویِ مشکین که در رکاب ِبهار

Сипоҳи таббату чин ва ттор ме ояд

سپاهِ تبّت و چین و تتار می‌آید

Чаҳ мавсимаст ва чаҳ мӯъҷиз ки мурғи зори биҳишт

چه موسم است و چه معجز که مَرغ زارِ بهشت

Бад-ӣни ҷаҳони зи пай эътибор ме ояд

بدین جهان ز پیِ اعتبار می‌آید

Баҳори соқии базми мухаддироти чаман

بهار ساقیِ بزمِ مخدّراتِ چمن

Машшотаи вор ба ранг ва нигор ме ояд

مشاطه‌وار به رنگ و نگار می‌آید

Ба кафи пиёлау лолаи гирифта май талабад

به کف پیاله و لاله گرفته می‌طلبد

Бунафшаро ки ба дафъ хумор ме ояд

بنفشه را که به دفعِ خمار می‌آید

Дарави дамади дами боди саҳар ба саҳари ҳалол

درو دمد دمِ بادِ سَحَر به سحرِ حلال

Вагарнаи бед чаро машк бор ме ояд

وگرنه بید چرا مشک بار می‌آید

Фазоӣ боғ биёрост фарши зангорӣ

فضایِ باغ بیاراست فرشِ زنگاری

Ки абр бар сари гули парда дор ме ояд

که ابر بر سرِ گل پرده‌دار می‌آید

Шукуфаи боз ба тарафи чамани дирами резон

شکوفه باز به طرفِ چمن درم‌ریزان

Фарози сабза ба расм нисор ме ояд

فرازِ سبزه به رسمِ نثار می‌آید

Нисори мавкиби ҳасани ғизоли чашмон ро

نثارِ موکبِ حسنِ غزال چشمان را

Кам аз сиррӣ буд он ҳам ба кор ме ояд

کم از سری بود آن هم به کار می‌آید

з чанг нест ки овози зеру зорӣ ӯ

ز چنگ نیست که آوازِ زیر و زاریِ او

зи нолаҳои нзорӣ зор ме ояд

ز ناله‌هایِ نزاریِ زار می‌آید

Дар орзӯии лаби ёри меҳрбони ҳршб

در آرزویِ لبِ یارِ مهربان هرشب

зи синаи ҷон ба лабам чанд бор ме ояд

ز سینه جان به لبم چند بار می‌آید

зи нӯки хори мижаи ашки лолаи гавани бчкд

ز نوکِ خارِ مژه اشکِ لاله‌گون بچکد

Чу ёдам аз гули рухсор ёр ме ояд

چو یادم از گلِ رخسارِ یار می‌آید