Хез ва ба ирғў бидиҳ зуд аёғ набед

خیز و به یرغو بده زود ایاغِ نبید

Ҳин ки зи урдӯии боғи эл чӣ гул расед

هین که ز اردویِ باغ ایل چیِ گل رسید

Сабза ба ашҷор бар ҳала ахзар фиканд

سبزه به اشجار بر حلّۀ اخضر فکند

Лола ба кҳсор дар чодар атлас кашид

لاله به کُهسار در چادرِ اطلس کشید

Хоки мисоли ҳавои ғолияи Фрсои гашт

خاک مثالِ هوا غالیه فرسای گشت

Боди гиребони гул то бен доман дарид

باد گریبانِ گل تا بُنِ دامن درید

Кулба аттор шуд соҳати гетии зи бас

کلبۀ عطّار شد ساحتِ گیتی ز بس

Буии раёҳин ки бози вақти саҳар дар дамид

بویِ ریاحین که باز وقتِ سحر در دمید

ЧорсФт кардаам вақти баҳори ихтиёр

چارصفت کرده ام وقتِ بهار اختیار

Шоҳиду дидори гули сояи бед ва набед

شاهد و دیدارِ گل سایۀ بید و نبید

Он ки саботяш ҳаст дар қадам мо бирафт

آن که ثباتیش هست در قدمِ ما برفت

Ва он ки ҳаётяш ҳаст шеваи мо баргузед

و آن که حیاتیش هست شیوۀ ما برگزید

Фурқати аҳбоби айш май барад аз табъи мо

فرقتِ احباب عیش می برد از طبعِ ما

Варна ки карда сети фӯти суҳбати айши рғид

ورنه که کرده ست فوت صحبتِ عیشِ رغید

Он ки з ғифлат надошт домани айши устувор

آن که ز غفلت نداشت دامنِ عیش استوار

Бас ки зи ҷаври фироқи даст ба дандон гузид

بس که ز جورِ فراق دست به دندان گزید

Ранҷи шаби гӯри баради он ки шабӣ рӯз кард

رنجِ شبِ گور برد آن که شبی روز کرد

Ваон ки ба шаби баради бози рӯз қиёмат гузид

وان که به شب برد باز روزِ قیامت گُزید

Буии саломии надоди боди қаҳистони мо

بویِ سلامی نداد بادِ قهستانِ ما

Варна зи мо номаи баради мурғ казон сӯ парид

ورنه ز ما نامه برد مرغ کزان سو پرید

Пеши ҳабиб эй сабои ҳол нзорӣ бигӯ

پیشِ حبیب ای صبا حالِ نزاری بگو

Ғам ки ба рӯйиш расед хӯн ки зи захмаши давид

غم که به رویش رسید خون که ز زخمش دوید