Хуш ояд ба овоз булбул набед

خوش آید به آوازِ بلبل نبید

Саҳари коса ӣӣ ду бибояд чашид

سحر کاسه یی دو بباید چشید

Ҷамодӣ буд гар наҷунбад зи ҷой

جمادی بود گر نجنبد ز جای

Ки овози барбат ба гӯшаш расед

که آواز بربط به گوشش رسید

Дами нақдро дон ки донад ки боз

دمِ نقد را دان که داند که باز

Ки хоҳад зи мо сол оянда дид

که خواهد ز ما سالِ آینده دید

Чу бар шуд зи овози булбули самоъ

چو بَر شد ز آوازِ بلبل سماع

Салоати муаззин ки хоҳад шунид

صلاتِ مؤذّن که خواهد شنید

Чу шуд ммтлии мағзат аз ханд рейс

چو شد ممتلی مغزت از خند ریس

Чунон дон ки эзади ҷаҳони ноФарид

چنان دان که ایزد جهان نافرید

зи болои минбар май соф ро

ز بالایِ منبر میِ صاف را

Набояд шикастан бибояд шамид

نباید شکستن بباید شمید

Дарии кони зи бадви азал баста анд

دری کان ز بدوِ ازل بسته اند

Чаҳ гӯйӣ ки он дар надорад калид

چه گویی که آن در ندارد کلید

Сикандари з зулмат намераст агар

سکندر ز ظلمت نمی رست اگر

зи оби Хизри ҷуръа ӣӣ ме кашид

ز آبِ خَضر جرعه یی می کشید

Фурӯ рафт бар ҳарзаи шӯридаи кор

فرو رفت بر هرزه شوریده کار

Аз он гуҳ ки гирди ҷаҳон бар давид

از آن گه که گردِ جهان بر دوید

Надонист кони қатра об чист

ندانست کان قطرۀ آب چیست

Чу моҳӣ аз он орзӯ ме тапид

چو ماهی از آن آرزو می تپید

Ба даври нзорӣ агар ме фитод

به دورِ نزاری اگر می فتاد

намегуфт мискин наме орамид

نمی گفت مسکین نمی آرمید