Бози аўФтод дар серум аз ишқи хори хор

باز اوفتاد در سرم از عشق خار خار

эй дили туро ки гуфт сари охир ба хори хор

ای دل ترا که گفت سر آخر به خار خار

Хорӣ дигар чаҳ мекунам охири магар ҳануз

خاری دگر چه می کنم آخر مگر هنوز

Дар пои дил шикаста надорам ҳазор хор

در پایِ دل شکسته ندارم هزار خار

Дорам ба ҷои гули ҳамаи шаби хор дар канор

دارم به جایِ گل همه شب خار در کنار

Ҳаргиз касе накард чу гул дар канори хор

هرگز کسی نکرد چو گل در کنار خار

Зини пештар замона ба раҳ бар наме ниҳод

زین پیش تر زمانه به ره بر نمی نهاد

Акнӯн ба акс май нҳдми рӯзгори хор

اکنون به عکس می نهدم روزگار خار

Шабҳои то ба рӯз ба ъмдо ҳаме кунад

شب هایِ تا به روز به عمدا همی کند

Бар хоби гоҳу бистару болини нисори хор

بر خواب گاه و بستر و بالین نثار خار

Хобами куҷо ки аз мижаҳо хори сохтаи сет

خوابم کجا که از مژه ها خار ساخته ست

То роҳ хоб кард чунин устувори хор

تا راهِ خواب کرد چنین استوار خار

Ҳоҷат ба хор нест ки дар хоби гоҳи ман

حاجت به خار نیست که در خواب گاهِ من

Ҳар мӯӣ бар танам шавад аз интизори хор

هر موی بر تنم شود از انتظار خار

Мӯӣ аз бухор меҳр шавад хор бар танам

موی از بخارِ مهر شود خار بر تنم

То дафъ хоб мекунад аз чашми хори хор

تا دفعِ خواب می کند از چشم خار خار

Саҳласт гӯи зи пои ман ин хор бар меар

سهل است گو ز پایِ من این خار بر میار

Оҳ ар барояд аз рухи он гули изори хор

آه ار برآید از رخِ آن گل عذار خار

Мағрури ҳасанро чаҳ аҷабгар зи барги гул

مغرورِ حسن را چه عجب گر ز برگِ گل

Ногоҳ бар дамад аз паии эътибори хор

ناگاه بر دمد از پیِ اعتبار خار

Гӯ аз шаби залолати зулфами мадаи халос

گو از شبِ ضلالتِ زلفم مده خلاص

Вари нури дида май хулдам гӯ биор хор

ور نورِ دیده می خلدم گو بیار خار

Ҷонои равои мадор ки дар нави баҳори ҳасан

جانا روا مدار که در نو بهارِ حسن

Аз гулистон расад ба нзории зори хор

از گلسِتان رسد به نزاریِ زار خار

Чу умр сарф шуд надиҳади лиззатии ҳаёт

چو عمر صرف شد ندهد لذّتی حیات

Чун аҳди гул гузашт наёяд ба кори хор

چون عهدِ گل گذشت نیاید به کار خار