Фаромӯш кардам билоду диёр

فراموش کردم بلاد و دیار

Ки баргашти бахту биФтоди кор

که برگشت‌ بخت و بیفتاد کار

Гирифтори гаштам ба доми бало

گرفتار گشتم به دامِ بلا

Чаҳ домии балоеи сияҳи тоби дор

چه دامی بلایی سیه تاب‌دار

Камандаш лақаб бошаду зулфи ном

کمندش لقب باشد و زلف نام

Хати устуво бар пас пушти ёр

خطِ استوا بر پسِ پشتِ یار

Ба мори сиёҳаш ташаббуҳ кунанд

به مارِ سیاهش تشّبه کنند

Агар чаҳ гзоиндаҳ набӯд чу мор

اگر چه گزاینده نَبوَد چو مار

Ба шаб низ ҳам интисобаш кунанд

به شب نیز هم انتسابش کنند

Валикини шабии дили гирифтаи сету тор

ولیکن شبی دل گرفته‌ست و تار

намегӯям аз холу лаб каз шукр

نمی‌گویم از خال و لب کز شکر

Бароварда аз рашку ғайрати дамор

برآورده از رشک و غیرت دمار

зи чашмони масташ чаҳ гӯям ки кард

ز چشمانِ مستش چه گویم که کرد

Ба ҳар новаки ғамзаи сад дили фигор

به هر ناوکِ غمزه صد دل فگار

Канораш гирифтам чунон дар миён

کنارش گرفتم چنان در میان

Ки гӯйӣ надорад майонаш канор

که گویی ندارد میانش کنار

Ба сад ранги дастон бурун оварад

به صد رنگ دستان برون آورد

зи дастони симён ба ранг ва нигор

ز دستانِ سیمیان به رنگ و نگار

Қазо чун чунин меравад бар серум

قضا چون چنین می‌رود بر سرم

зи дастам бурун меравад ихтиёр

ز دستم برون می‌رود اختیار

Дарин вартаи мушкил эй муддаӣ

درین ورطۀ مشکل ای مدّعی

Маломат макун бар нзории зор

ملامت مکن بر نزاری‌ِ زار