Бози омадем дар сар аз ошӯби ақли шӯр
باز آمدیم در سر از آشوبِ عقل شور
Бар оташ аз ҳарорати дили сина чун танур
بر آتش از حرارتِ دل سینه چون تنور
Мо бас ниёзманд висолем ва роҳ нест
ما بس نیازمندِ وصالیم و راه نیست
Оре гарон баҳост муроду мурӣди ъўр
آری گرانبهاست مراد و مرید عور
Морони мӯши ҳирси рақибони кӯии дӯст
مارانِ موش حرص رقیبانِ کویِ دوست
Ҳар чанд айши ширин бар мо кунанд шӯр
هر چند عیشِ شیرین بر ما کنند شور
Оё ба коми мо буд он дарҷи лаъли пӯш
آیا به کامِ ما بود آن درجِ لعلپوش
Ёрб ба даст мо расад он ҳуққаи булӯр
یارب به دستِ ما رسد آن حقّۀ بلور
Ореи рақиби гӯ ба тасаллут бар орадаст
آری رقیب گو به تسلّط بر آردست
Ту он нигар ки кӣна каш омад зи шери мӯр
تو آن نگر که کینهکش آمد ز شیر مور
Маъҳуд нест дев ба дарбонеи малик
معهود نیست دیو به دربانیِ ملک
Султон на лоиқаст ба ғами хории сутур
سلطان نه لایق است به غمخواریِ ستور
Он ҷо ки ҷилва кард хаёли ҷамол ӯ
آنجا که جلوه کرد خیالِ جمالِ او
На шамъи меҳр нур диҳад на чароғи ҳўр
نه شمعِ مهر نور دهد نه چراغِ هور
ӯро касе надид магари ҳам ба чашм ӯ
او را کسی ندید مگر هم به چشمِ او
Юсуф қиёс кун ки нишаста сети пеши кӯр
یوسف قیاس کن که نشستهست پیشِ کور
Он ҷои ниёзи ишқ на оз ва амл баранд
آنجا نیاز عشق نه آز و امل برند
Зории нзорё чу на зари дорӣ ва на зӯр
زاری نزاریا چو نه زر داری و نه زور