Марои зи кӯии ту овора кард бахти нФўр

مرا ز کوی تو آواره کرد بخت نفور

з рӯй хуби ту даврам ки чашми бади зи ту давр

ز روی خوب تو دورم که چشم بد ز تو دور

Ба коми душманам аз кӯии дӯсти овора

به کام دشمنم از کوی دوست آواره

зи дӯстони ҳасуду зи душманони ғаюр

ز دوستان حسود و ز دشمنان غیور

Ба иттифоқамам ҳур дар биҳишт буд

به اتفاق امم حور در بهشت بود

Вале биҳишти ман онҷо буд ки бошад ҳур

ولی بهشت من آنجا بود که باشد حور

Шамоили ту дар ойӣнаи ду чашм ман аст

شمایل تو در آیینهٔ دو چشم من است

Ба ҳукми ишқ на ту ғоибӣ на ман маҳҷӯр

به حکم عشق نه تو غایبی نه من مهجور

Кадоми як туе ӣнҷои кадоми ман ҳайҳот

کدام یک تویی اینجا کدام من هیهات

Кадом нест туе нозир ва туе манзур

کدام نیست تویی ناظر و تویی منظور

Дигар ба рӯй ки байнами назар чигуна кунам

دگر به روی که بینم نظر چگونه کنم

Ба меҳру ма чу з чашмам бирафта бошад нур

به مهر و مه چو ز چشمم برفته باشد نور

Агар чу зулфи ту дарҳам шудам зи тоби фироқ

اگر چو زلف تو درهم شدم ز تاب فراق

Ки дидае ки бар оташи ҳмўл буду сабур

که دیده‌ای که بر آتش حمول بود و صبور

Вагар чу чашми ту давр аз лабат шудам бемор

وگر چو چشم تو دور از لبت شدم بیمار

Ки хӯрд май ки саранҷом азу нашуд махмур

که خورد می که سرانجام ازو نشد مخمور

Хароб карда чашмон май парасти туам

خراب کردهٔ چشمان می پرست توام

Ки гоҳи маст харобам кунанду гуҳи махмур

که گاه مست خرابم کنند و گه مخمور

Вагар шикеб надорад нзории мътўаҳ

و گر شکیب ندارد نزاری معتوه

Мабош гӯ ва бидоред оқилони маъзӯр

مباش گو و بدارید عاقلان معذور

Аз он татаббуъ оқил намекунад маҷнӯн

از آن تتّبع عاقل نمی‌کند مجنون

Ки оқилони ҳама дар тӣа ғифлатанду ғурур

که عاقلان همه در تیه غفلت‌اند و غرور