Чашмӣ ки доштам ба умеди висоли боз
چشمی که داشتم به امید وصال باز
Бар ҳам фитода шуд ба зарурати хаёли боз
بر هم فتاده شد به ضرورت خیال باز
Бурқаъ фурӯ гузошт ба рӯем хаёли дӯст
برقع فرو گذاشت به رویم خیال دوست
То рағми ман ниқоби кушод аз ҷамоли боз
تا رغم من نقاب گشاد از جمال باز
Бисёр чун Сикандари маҳрӯми нои умед
بسیار چون سکندر محروم نا امید
Ночораи ташнаи гашт бар оби зулоли боз
ناچاره تشنه گشت بر آب زلال باز
Дар имтиҳон ишқ надонам ки ақлу сабр
در امتحان عشق ندانم که عقل و صبر
То тоқат оваранд ва кунанд эҳтимоли боз
تا طاقت آورند و کنند احتمال باز
Ҳам дорам аз анояти ҳақи чашми он ки зуд
هم دارم از عنایت حق چشم آن که زود
Рӯзӣ кунад аъодти он иттисоли боз
روزی کند اعادت آن اتّصال باز
Маҷмӯ нестам зи парешонеи фироқ
مجموع نیستم ز پریشانی فراق
Ореи баси иттисол ки шуд инфисоли боз
آری بس اتصال که شد انفصال باز
Бечора ҳолиё ба балои мубтало шудаи сет
بیچاره حالیا به بلا مبتلا شدهست
То чун шавад нзории шӯридаи ҳоли боз
تا چون شود نزاری شوریده حال باز