Хушаст олами риндону суҳбат ӯ бош
خوش است عالمِ رندان و صحبتِ او باش
Биёи дамӣ ба алии рағми оқилон хуш бош
بیا دمی به علی رغمِ عاقلان خوش باش
Дарун ба каъба фиристу бурун ба май кодаи ор
درون به کعبه فرست و برون به می کده آر
Ниёз мекун пинҳони шароб май хури фош
نیاز می کن پنهان شراب می خور فاش
зи офтоби қадаҳи кӯр дида бигурезад
ز آفتابِ قدح کور دیده بگریزد
Каз офтоб тҳошӣ накард ҷузи хафоаш
کز آفتاب تحاشی نکرد جز خفّاش
Чу завқ бода ндонӣ з мастӣам мхрўш
چو ذوقِ باده ندانی ز مستیِ ام مخروش
Чу захм ишқ нахурдӣ ҷароҳатами мхрош
چو زخمِ عشق نخوردی جراحتم مخراش
Нузули ишқи ҳақиқии тамаъи мадор ҳануз
نزولِ عشقِ حقیقی طمع مدار هنوز
Накарда хонаи дили холӣ аз хаёли қумош
نکرده خانۀ دل خالی از خیالِ قماش
Маломат дгарон мекунӣ ба фатвои ишқ
ملامتِ دگران می کنی به فتویِ عشق
Хато чарост чу бо ақл меравад канкош
خطا چراست چو با عقل می رود کنکاش
Агар ба ақли муҷаррад кифоятаст чу ман
اگر به عقلِ مجرّد کفایت است چو من
Ба ақл май рӯми охир чаҳ мекунӣ пархош
به عقل می روم آخر چه می کنی پرخاش
Вагар зимом ба дасти иродати дгарии сет
وگر زمام به دستِ ارادتِ دگری ست
Бирав ба ҳарзаи далелии зи ақл бар метрааш
برو به هرزه دلیلی ز عقل بر متراش
з рӯй сӯрат агар бар ниФкннди ниқоб
ز رویِ صورت اگر بر نیفکنند نقاب
Даруни парда ки донад чаҳ мекунад наққош
درونِ پرده که داند چه می کند نقّاش
Дамӣ ба маҷлиси рӯҳонӣони роҳи параст
دمی به مجلسِ روحانیانِ راح پرست
Дилат қарор нагирад зи ҳирси касби маош
دلت قرار نگیرد ز حرصِ کسبِ معاش
Биҳишти нақду шароби таҳуру соқии ҳур
بهشتِ نقد و شرابِ طهور و ساقیِ حور
Биор хок ва ба рӯй салоҳу тақвои пош
بیار خاک و به رویِ صلاح و تقوا پاش
Лабам чу пардаи дил хушк шуд з бе обӣ
لبم چو پردۀ دل خشک شد ز بی آبی
Қадаҳ ба дасти нзорӣ ки дод кӣ кӯи кош
قدح به دستِ نزاری که داد کی کو کاش
Агар чу зоҳири ботин ба халқ бинмоӣанд
اگر چو ظاهر باطن به خلق بنمایند
Касе чаҳ фарқ кунад зоҳид аз ман қлош
کسی چه فرق کند زاهد از منِ قلّاش