Чу сарф шуд ҳамаи авқоти умр дар талабаш

چو صرف شد همه اوقاتِ عمر در طلبش

На мумкинаст ки дил боз гардад аз ақабаш

نه ممکن است که دل باز گردد از عقبش

Чу Хизри хосияти об зиндагӣ ёбам

چو خضر خاصیتِ آبِ زندگی یابم

Агар чунон ки ба ъмдо лабам расад ба лабаш

اگر چنان که به عمدا لبم رسد به لبش

Дилам на бар пай он меравад ба торикӣ

دلم نه بر پیِ آن می رود به تاریکی

Ки ҳаст чашмаи даруни ду зулфи бали аҷабаш

که هست چشمه درونِ دو زلفِ بُل عجبش

Муқарараст ки аз зулф ӯ бурун ноед

مقررّست که از زلفِ او برون ناید

зи кунҷи сина бурун кардае бад-ӣни сабабаш

ز کنجِ سینه برون کرده ای بدین سببش

Вагар чунон ки ба ҷое дигар кунад майлӣ

و گر چنان که به جایی دگر کند میلی

Хаёли дӯст ба талқин ман кунад адабаш

خیالِ دوست به تلقینِ من کند ادبش

Вагар шавад зи хавоси саводи савдое

وگر شود ز خواصِ سواد سودایی

Табиб ишқ кунад дафъи эҳтироқи табаш

طبیبِ عشق کند دفعِ احتراقِ تبش

Бурун аз он ҳрси худ куҷо тавонад шуд

برون از آن حَرَسِ خود کجا تواند شد

Ки бастаанд ба занҷири зулфи рӯзу шабаш

که بسته اند به زنجیرِ زلف روز و شبش

Гувоҳ бош нзорӣ ки дили дил ман нест

گواه باش نزاری که دل دلِ من نیست

Дуруст нест ба ман ҳеҷ нисбату ҳасбаш

درست نیست به من هیچ نسبت و حسبش

зи ношикебӣ ва бетоқатӣ ки буд дилам

ز ناشکیبی و بی طاقتی که بود دلم

Касон ба таъна ниҳоданд ҳар дарии лақабаш

کسان به طعنه نهادند هر دری لقبش

Гарави ниҳодам ва бо ишқ бар бисот нишаст

گرو نهادم و با عشق بر بساط نشست

Ббрдаҳанд зи ман ҳам дар аввалин надибш

ببرده اند ز من هم در اوّلین نَدَبش