Ки май орад ба дили пайғоми ёраш

که می آرد به دل پیغامِ یارش

Ки бод аз сидқи дили ҷонами нисораш

که باد از صدقِ دل جانم نثارش

Нёромди дилам то рӯзи маҳшар

نیارامد دلم تا روزِ محشر

Магари он шаб ки гирам дар канораш

مگر آن شب که گیرم در کنارش

Ғуломи накҳат бод сабоем

غلامِ نکهتِ بادِ صبایم

Ки дорад буии зулфи машки бориш

که دارد بویِ زلفِ مشک بارش

Гулашгар дар чаман бинад нишинад

گلش گر در چمن بیند نشیند

Синони рашк дар паҳлавии хораш

سنانِ رشک در پهلویِ خارش

Ки бошад наргиси раъно ки худ ро

که باشد نرگسِ رعنا که خود را

Кунад нисбат ба чашми пари хумораш

کند نسبت به چشمِ پر خمارش

Бимонад зодаи кони Бадахшон

بماند زادۀ کانِ بدخشان

Хаҷал аз рашки лаъли оби дораш

خجل از رشکِ لعلِ آب دارش

Хилофи сарв агар болои намояд

خلافِ سرو اگر بالا نماید

Гурезади зи он бало дар зинҳораш

گریزد ز آن بلا در زینهارش

Аҷаб набӯд агар дар равзаи тўбо

عجب نبود اگر در روضه طوبا

Замини бӯсад на сарви ҷӯйбораш

زمین بوسد نه سرو جویبارش

Билразад аз ҳасади сарви пиёда

بلرزد از حسد سروِ پیاده

Чу бартараф чаман бинад савораш

چو برطرفِ چمن بیند سوارش

Аҷаби чобуки савории венаи аҷаб тар

عجب چابک سواری وین عجب تر

Ки қалб дӯстон бошад шикораш

که قلبِ دوستان باشد شکارش

На зар дорам на зӯр ва ҳеҷ ғам нест

نه زر دارم نه زور و هیچ غم نیست

зи зории нзории нзорш

ز زاریِ نزاریِ نزارش