Фархундаи рӯзгори гадоёни хоркаш
فرخنده روزگارِ گدایانِ خارکش
Чун уштурони масти танги хору боркаш
چون اشترانِ مستِ تنگ خوار و بارکش
Охири шутур ба қӯту шавкати чунон ки ҳаст
آخر شتر به قوّت و شوکت چنان که هست
Дода сети ихтиёр ба дасти мҳоркш
داده ست اختیار به دستِ مهارکش
Гар шуд дубораи қофия аммо ду шоҳиданд
گر شد دوباره قافیه امّا دو شاهدند
Ту ҳар дуро сабки зи миён дар канори каш
تو هر دو را سبک ز میان در کنار کش
Аз ту чаҳ манфиат ки шутурмурғи мутлақӣ
از تو چه منفعت که شترمرغِ مطلقی
На бол бар паридан ва на пушти боркаш
نه بالِ بر پریدن و نه پشتِ بارکش
эй соли хӯрда бар навад ва сад кашида гир
ای سال خورده بر نود و صد کشیده گیر
Вони гуҳ қиёс карда зи сад бар ҳазор каш
وآن گه قیاس کرده ز صد بر هزار کش
Чун оқибати ниҳояти аъмор лозим аст
چون عاقبت نهایت اعمار لازم است
Борӣ ба нақди вақт май хуши гўори каш
باری به نقدِ وقت میِ خوش گوار کش
Меҳр аз замонаи бугсалу дил дар ҷаҳон мабанд
مهر از زمانه بگسل و دل در جهان مبند
Зин бар каммият май нау танги устувори каш
زین بر کمیت می نه و تنگ استوار کش
Аз аҳл рӯзгор макун эҳтимоли ҷавр
از اهلِ روزگار مکن احتمالِ جور
Борӣ чу май кашии ситамии ҳам зи бори каш
باری چو می کشی ستمی هم ز بار کش
Дунё ки ҳаст мазраъаи алохрти дарав
دنیا که هست مزرعه الآخرت درو
Осоишу муҷоҳида аз нуру нори каш
آسایش و مجاهده از نور و نار کش
Неку баду ҳалолу ҳарому нишоту ғам
نیک و بد و حلال و حرام و نشاط و غم
Дар май нахуст айш кун он гуҳи хумори каш
در می نخست عیش کن آن گه خمار کش
Аз тоъати музаввари худ беш азин мноз
از طاعتِ مزوّرِ خود بیش ازین مناز
Ин май зи ҷоми марҳамати кирдигори каш
این می ز جامِ مرحمتِ کردگار کش
Озасту баси забонаи дӯзахи нзорё
آزست و بس زبانۀ دوزخ نزاریا
Нили ниёз бар рух зард назор каш
نیلِ نیاز بر رخِ زردِ نزار کش
ё раби ниёзманд ба бахшоиши туам
یا رب نیازمند به بخشایشِ توام
Пок аз миёни маъсиятам бар канори каш
پاک از میانِ معصیتم بر کنار کش
Хати ҷавози даҳ ба нзорӣ ки бе ҳиҷоб
خّطِ جواز ده به نزاری که بی حجاب
Озоди вори рахт ба дори алқрори каш
آزاد وار رخت به دار القرار کش
эй ногузир раҳм куну хати мағфират
ای ناگزیر رحم کن و خّطِ مغفرت
Дар сиӣоти банда ба рӯзи шумори каш
در سیَئات بنده به روزِ شمار کش