Мурғи дилам ки зулф ту бошад нишеманаш

مرغِ دلم که زلفِ تو باشد نشیمنش

Кӣ орзӯ кунад ҳаваси синаи маниш

کی آرزو کند هوسِ سینۀ منش

Ҳаргизи ваии илтифот ба зиндон тан кунад

هرگز وی التفات به زندانِ تن کند

Рӯҳӣ ки зери сояи тўбости масканаш

روحی که زیرِ سایۀ طوباست مسکنش

Хуршед агар зи гӯша бурқаъ кунад нигоҳ

خورشید اگر ز گوشۀ برقع کند نگاه

Зулфати зи рашк тира шавад чашми равшанаш

زلفت ز رشک تیره شود چشمِ روشنش

Вари бути параст рӯй ту бинад ба эътиқод

ور بت پرست رویِ تو بیند به اعتقاد

Лозим шавад чу тавбаи ман бут шикастанаш

لازم شود چو توبۀ من بت شکستنش

Рӯҳи аломин агар тан ӯ бинад аз хаёл

روح الامین اگر تنِ او بیند از خیال

Ҳам дар хаёли он чу хаёлӣ шавад таниш

هم در خیالِ آن چو خیالی شود تنش

Васлат ки дид чун ба хаёлат наме расад

وصلت که دید چون به خیالت نمی رسد

Кас то намекунад ғами ҳиҷрат чу сӯзанаш

کس تا نمی کند غمِ هجرت چو سوزنش

Сайд кунад зулф ту шуд ҳар куҷои дилии сет

صیدِ کندِ زلفِ تو شد هر کجا دلی ست

Лутфӣ бикун ба дӯши дгрбори мФкнш

لطفی بکن به دوش دگربار مفکنش

Гар моҳ дар каманд ту бошад ғариб нест

گر ماه در کمندِ تو باشد غریب نیست

Хуршеди нодурусти камандӣ ба гарданаш

خورشید نادرست کمندی به گردنش

Рӯяти зи бими фитна ки ғавғо шавад магар

رویت ز بیمِ فتنه که غوغا شود مگر

Бо халқ аз он сабаб бинмое нуҳуфтанаш

با خلق از آن سبب بنمایی نهفتنش

Ашками зи шавқи ҳалқаи гӯшти буруни ҷаҳд

اشکم ز شوقِ حلقۀ گوشت برون جهد

Аз дида ҳар замон ва бигирам ба доманаш

از دیده هر زمان و بگیرم به دامنش

Акси хаёли тести ҷигари гӯшаи дилам

عکسِ خیالِ تست جگر گوشۀ دلم

зи он бар канори дидаи нишонами мумкинаш

ز آن بر کنارِ دیده نشانم مُمکَنش

Нақши туами зи дида зоҳир наме равад

نقشِ توام ز دیدۀ ظاهر نمی رود

Ало ба май ки бехабарам мекунад фанаш

الّا به می که بی خبرم می کند فنش

Гулшан кунад чу май ба нзорӣ расад зи шавқ

گلشن کند چو می به نزاری رسد ز شوق

Ёди ту кулбаи дили торики равшанаш

یادِ تو کلبۀ دلِ تاریک روشنش