Мастем аз мабодии фитрати зи ҷоми ишқ
مستیم از مبادیِ فطرت ز جامِ عشق
Ореи мудоми масти шудем аз мудоми ишқ
آری مدام مست شدیم از مدامِ عشق
Бар буии тбъсўни шабу рӯзами харобу маст
بر بویِ تبعثون شب و روزم خراب و مست
То масти сари зи хок бар орм ба коми ишқ
تا مست سر ز خاک بر آرم به کامِ عشق
Бибинӣ ниҳодаи сӯии лаҳади андаруни хок
ببینی نهاده سویِ لحد اندرونِ خاک
Бошад ҳануз буи майам дар машоми ишқ
باشد هنوز بویِ می ام در مشامِ عشق
Ҳар дами забони ҳоли расонад ба гӯши ман
هر دم زبانِ حال رساند به گوشِ من
Аз сокинони олами болои паёми ишқ
از ساکنانِ عالمِ بالا پیامِ عشق
Пари фитнаи рӯзгори парешон чу зулфи дӯст
پر فتنه روزگارِ پریشان چو زلفِ دوست
Мо мӯътакиф нишаста ба доруссаломи ишқ
ما معتکف نشسته به دارالسَّلامِ عشق
Бар нуқта мурод нагардад касе ки ӯ
بر نقطۀ مراد نگردد کسی که او
Берун буд зи доираи иҳтимоми ишқ
بیرون بود ز دایرۀ اهتمامِ عشق
Амраст ишқу ақл азу ёфт файзи нур
امرست عشق و عقل ازو یافت فیضِ نور
Ҳар кас вале надонад сари каломи ишқ
هر کس ولی نداند سّرِ کلامِ عشق
Ҳар кас наёфт раҳ ба сари ганҷи кунҷи мо
هر کس نیافت ره به سرِ گنجِ کُنجِ ما
Ҳар мурғро қабул накарда сети доми ишқ
هر مرغ را قبول نکرده ست دامِ عشق
Бар маликат сухан нашавад шоҳи ҳам чу ман
بر ملکتِ سخن نشود شاه هم چو من
Ҳар кӯ набӯд зи аввали фитрати ғуломи ишқ
هر کو نبود ز اوّلِ فطرت غلامِ عشق
Дар забти малики назми нзорӣ шуҷоъ шуд
در ضبطِ ملکِ نظم نزاری شجاع شد
То бар кашид теғи забон аз ниёами ишқ
تا بر کشید تیغِ زبان از نیامِ عشق