Куҷо шудӣ ки фаротар наме шӯии зи муқобил

کجا شدی که فراتر نمی شوی ز مقابل

Чаҳ ғоибӣ ки чунин ҳозирӣ ба шаклу шамоил

چه غایبی که چنین حاضری به شکل و شمایل

Даруни хонаи чашмии кадоми ҳозиру ғоиб

درونِ خانۀ چشمی کدام حاضر و غایب

Муқӣми синаи танагии кадоми хориҷу дохил

مقیمِ سینۀ تنگی کدام خارج و داخل

Ба тан ҷудоему ҷонам ба хизмати ту мулозим

به تن جدایم و جانم به خدمتِ تو ملازم

Ба шахси давраму дастам ба гардани ту ҳамоил

به شخص دورم و دستم به گردنِ تو حمایل

Мулозими ту вуҷӯдам на ҳозираст ва на ғоиб

ملازمِ تو وجودم نه حاضرست و نه غایب

Мусоҳиби ту дилам дар мароҳиласту манозил

مصاحبِ تو دلم در مراحل است و منازل

Магар ба баҳри фироқат ба бодбони тазаррӯъ

مگر به بحرِ فراقت به بادبانِ تضرّع

Расад ҳар оинаи ин киштии умед ба соҳил

رسد هر آینه این کشتیِ امید به ساحل

Вагарнаи дард ва дариғо ки рӯзгори гиромӣ

وگرنه درد و دریغا که روزگارِ گرامی

Ба ҳарза мегузарад вази дареғу дард чаҳ ҳосил

به هرزه می گذرد وز دریغ و درد چه حاصل

Чаҳ ҳоҷатаст ки ман ҳоли хеши бознмоим

چه حاجت است که من حالِ خویش بازنمایم

Сиришк дида бигӯед ки равшанаст далоил

سرشک دیده بگوید که روشن است دلایل

зи дасти ишқи ҳамаи умри ҳеҷ кор накардам

ز دستِ عشق همه عمر هیچ کار نکردم

Ки лоиқасту писандидаи пеши мардуми оқил

که لایق است و پسندیده پیشِ مردمِ عاقل

Муроди толиб ӯ дар мушоҳидаи сети вагарна

مرادِ طالبِ او در مشاهده ست وگرنه

Ба як назар мутасарриф кунад муҷоҳидаи ботил

به یک نظر متصرّف کند مجاهده باطل

Баҳона дар раҳи маҷнӯн муҳаббатаст ва аз он ҷо

بهانه در رهِ مجنون محبّت است و از آن جا

Ғараз тафарруҷ Лайлӣаст дар тавофи қабоил

غرض تفرّجِ لیلیست در طوافِ قبایل

Нзорёи туу шӯридагӣу риндӣу мастӣ

نزاریا تو و شوریدگی و رندی و مستی

Ки хуии ишқ ба девонагӣаст роғибу моил

که خویِ عشق به دیوانگیست راغب و مایل

Гумон мабар ки дигар бораи ақли гирд ту гардад

گمان مبر که دگر باره عقل گِردِ تو گردد

Вагар ба шӯъбада бар гарданаш ниҳанд слосл

وگر به شعبده بر گردنش نهند سلاسل