Ҳайҳот агар ба даст манастӣ зимоми дил
هیهات اگر به دستِ من استی زمامِ دل
Ҳаргиз на?бардамӣ дигар аз ғуссаи номи дил
هرگز نبردمی دگر از غصّه نامِ دل
Бисёр даст ва пой задам дар халоси ҷон
بسیار دست و پای زدم در خلاصِ جان
Рӯй халос нест ба ҳиялати зи доми дил
رویِ خلاص نیست به حیلت ز دامِ دل
Аз бадви кун агар ғаму дил тавъамон набад
از بدوِ کون اگر غم و دل توأمان نبُد
Пас беғам аз чаҳ нест замонии мақоми дил
پس بی غم از چه نیست زمانی مقام دل
Боди сабои миёни ману дӯст муҳаррам аст
بادِ صبا میانِ من و دوست محرم است
Ҷуз ӯ ба дӯстон ки расонади паёми дил
جز او به دوستان که رساند پیامِ دل
эй ёди субҳ арза кун аз лутф бе дареғ
ای یادِ صبح عرضه کن از لطفِ بی دریغ
Дар бандагии ҳазрати ҷонони саломи дил
در بندگیِ حضرتِ جانان سلامِ دل
Гӯи ҷой меҳр туаст агар на нкрдмӣ
گو جایِ مهرِ توست اگر نه نکردمی
Чандини маболиғати зи паии эҳтироми дил
چندین مبالغت ز پیِ احترامِ دل
Умрами бад-ӣни умед ба сар шуд ки оқибат
عمرم بدین امید به سر شد که عاقبت
Рӯзии расми магари зи даҳонат ба коми дил
روزی رسم مگر ز دهانت به کامِ دل
Май буд пеши азин ва кунун мекунам ғизо
می بود پیش ازین و کنون می کنم غذا
Аз хӯн ки то ба лаби брсидаҳи сети ҷоми дил
از خون که تا به لب برسیده ست جامِ دل
Чандини нзорё чаҳ хурии ғусса аз рақиб
چندین نزاریا چه خوری غصّه از رقیب
Оре ба рӯзгори кашанди интиқоми дил
آری به روزگار کشند انتقامِ دل