Ба ҷузи маломатам аз дил намешавад ҳосил

به جز ملامتم از دل نمی شود حاصل

Чаҳ мекунам зи чунин дил ки хок бар сари дил

چه می کنم ز چنین دل که خاک بر سرِ دل

Чаҳ тавбаҳо ки бкрдми зи ишқ ва суд надошт

چه توبه ها که بکردم ز عشق و سود نداشت

Дили ситезаи кашам боз мекунад ботил

دلِ ستیزه کشم باز می کند باطل

Ҳарис мекунамаш бар салоҳ ва бар тақво

حریص می کنمش بر صلاح و بر تقوا

Ба ҷуз ба шиша ва шоҳид намешавад моил

به جز به شیشه و شاهد نمی شود مایل

Маломатии з пасасту қиёматӣ дар пеш

ملامتی ز پس است و قیامتی در پیش

Ду воқеаи сети яке мушкил ва дигар ҳоил

دو واقعه ست یکی مشکل و دگر هایل

Ҳануз воқеа ӣ мушкил дигар дорам

هنوز واقعه ی مشکلِ دگر دارم

Ки дил гарав бинишаста сету ёри меҳри гусал

که دل گرو بنشسته ست و یار مهر گسل

Замона ҳал накунад мушкилоти ишқи маро

زمانه حل نکند مشکلاتِ عشقِ مرا

Ки ҷузви мушкили ман мушкиласт вкли мушкил

که جزوِ مشکلِ من مشکل است وکُل مشکل

Ба ҳалу ақди хрдъшқ боз натавон дошт

به حلّ و عقدِ خردعشق باز نتوان داشت

Ҳиял чаҳ дафъ кунад чун қазо шавад нозил

حیَل چه دفع کند چون قضا شود نازل

Шикеб кардан ман худ зи дӯст мумкин нест

شکیب کردنِ من خود ز دوست ممکن نیست

Ки ақл бар сар пойасту сабри мстъҷл

که عقل بر سرِ پای است و صبر مستعجل

Чаҳ бодияи сет ки дар бода ӣ вилояти ишқ

چه بادیه ست که در باده ی ولایتِ عشق

Ки на манозилаш ояд падед ва на соҳил

که نه منازلش آید پدید و نه ساحل

Даруни сина ӣ ман ишқ ва бе хабари ман аз ӯ

درونِ سینه ی من عشق و بی خبر من از او

Ки шарми боди марои зини ҳаёт бе ҳосил

که شرم باد مرا زین حیاتِ بی حاصل

Басӣ ба хона ӣ дарвеши иттифоқ шудаи сет

بسی به خانه ی درویش اتّفاق شده ست

Ки подшоҳи фурӯди омадаи сет ва ӯ ғофил

که پادشاه فرود آمده ست و او غافل

Ба гӯши ҷони ду се навбат шунидам ин овоз

به گوشِ جان دو سه نوبت شنیدم این آواز

зи мо варои нуҳуми осмон ба сад манзил

ز ما ورایِ نهم آسمان به صد منزل

Нзорёи ту чаҳ мурғӣ ки аз даричаи ғайб

نزاریا تو چه مرغی که از دریچۀ غیب

Ба доми ишқ дар афтодае чунин мқбл

به دامِ عشق در افتاده ای چنین مقبل