Агар даврам аз ту ба об ва ба гул

اگر دورم از تو به آب و به گِل

Вале бо ту бошам ба ҷон ва ба дил

ولی با تو باشم به جان و به دل

зи мабдаӣ фитрат бирафта сети ҳукм

ز مبدایِ فطرت برفته ست حکم

Аз он иттисолам ба ту муттасил

از آن اتّصالم به تو متّصل

На он иттисоласт моро ба ту

نه آن اتّصال است ما را به تو

Ки давр замонаш кунад мунфасил

که دورِ زمانش کند منفصل

Ман он меҳрбонам ки аз меҳри дӯст

من آن مهربانم که از مهرِ دوست

зи ман меҳр гардун бимонад хаҷал

ز من مهرِ گردون بماند خجل

Ба чашмӣ ки рӯй ту бинад касе

به چشمی که رویِ تو بیند کسی

Ба рӯе дигар чун шавад мштғл

به رویی دگر چون شود مشتغل

Ба чашмат ки ноинд дар чашми ман

به چشمت که نایند در چشمِ من

Ҳамаи хуби рӯйони чину чгл

همه خوب رویانِ چین و چگل

Ба даъвӣ нагӯям ки ман нестам

به دعوی نگویم که من نیستم

Аз он бе вафоёни паймони гусал

از آن بی وفایانِ پیمان گسل

Қарини саботам вале музтариб

قرینِ ثباتم ولی مضطرب

Туфайли сулӯкаму лекини мқл

طفیلِ سلوکم و لیکن مُقِل

Таҳаммул касе мекунад бори ишқ

تحمّل کسی می کند بارِ عشق

Ки доим буд чун шутури муҳтамил

که دایم بود چون شتر محتمل

Тафохур касеро расад дар сулӯк

تفاخر کسی را رسد در سلوک

Ки маъмур амраст ҳам чун абл

که مأمورِ امرست هم چون اِبل

Нзории зи андоза берун машав

نزاری ز اندازه بیرون مشو

На ғолӣ на қосири балии муътадил

نه غالی نه قاصر بلی معتدل

Нзорӣ агар ваҳдатат орзӯаст

نزاری اگر وحدتت آرزوست

Тамаъи бугсал аз касрати ҷону дил

طمع بگسل از کثرتِ جان و دل