Булбули зи шохи сарв чу бар зад навой гул
بلبل ز شاخِ سرو چو بر زد نوایِ گل
Бар дасти гири бода ва биншин ба пои гул
بر دست گیر باده و بنشین به پایِ گل
Наврӯзи кунҷи хона гирифтани дареғ май
نوروز کنجِ خانه گرفتن دریغِ می
Паҳлавии хори ҳайф азимаст ҷои гул
پهلوی خار حیفِ عظیم است جایِ گل
Фарҳоди хондае ки чаҳ кард аз ҳавои дил
فرهاد خوانده ای که چه کرد از هوایِ دل
Хусрав шунидае ки чаҳ дид аз барои гул
خسرو شنیده ای که چه دید از برایِ گل
Гулро азизи дор ва ба бегонаи дили мада
گل را عزیز دار و به بیگانه دل مده
Ҳайф аст карда дар сари хории вафои гул
حیف است کرده در سرِ خاری وفایِ گل
Зойеъ макун чу булбули шӯридаи рӯзгор
ضایع مکن چو بلبلِ شوریده روزگار
Мискин шуда ба ҷон ва ба дили мубталои гул
مسکین شده به جان و به دل مبتلایِ گل
Чун з эътидол нашав ва намой рабиъ шуд
چون ز اعتدالِ نشو و نمایِ ربیع شد
Равшани фазои боғи зи фари лақои гул
روشن فضایِ باغ ز فّرِ لقایِ گل
Бор дигар шикоят ва тшниъ карда пеш
بارِ دگر شکایت و تشنیع کرده پیش
Бо боғи бони гирифтаи зи сари моҷарои гул
با باغ بان گرفته ز سر ماجرایِ گل
Дарёб гӯи ду ҳафтаи висол ва макун фузул
دریاب گو دو هفته وصال و مکن فضول
Бо гули қарори гир ба хилвати сарои гул
با گل قرار گیر به خلوت سرایِ گل
Хуши мавсимии сети хоссаи ду оҳанг карда анд
خوش موسمی ست خاصه دو آهنگ کرده اند
Булбул навой сарв ва нзорӣ навой гул
بلبل نوایِ سرو و نزاری نوایِ گل