Дигар бораи перонаи сари дрФтодм
دگر باره پیرانه سر درفتادم
Ба чанголи шухӣ дигар дрФтодм
به چنگالِ شوخی دگر درفتادم
Гузар бар сироти раҳ ишқ кардам
گذر بر صراطِ رهِ عشق کردم
Билағзед поем зи сар дар фитодам
بلغزید پایم ز سر در فتادم
зи бас корзўмнд будам ба ширин
ز بس کآرزومند بودم به شیرین
з бетоқатӣ бо шукри дрФтодм
ز بی طاقتی با شکر درفتادم
Маломат макун гӯи мшнъи зи хубон
ملامت مکن گو مشنِّع ز خوبان
Ҳазар кун ки ман муътабари дрФтодм
حذر کن که من معتبر درفتادم
Ба чоҳи занхдони Юсуфи ҷамолӣ
به چاه زنخدانِ یوسف جمالی
зи дасти дил бе хабари дрФтодм
ز دستِ دلِ بی خبر درفتادم
Чаҳ брмн бирафт аз қазо эй азизон
چه برمن برفت از قضا ای عزیزان
Ки беихтиёр аз қадари дрФтодм
که بی اختیار از قدر درفتادم
Савоби шумо эҳтиётаст агар ман
صوابِ شما احتیاط است اگر من
Ба доми хатоу хатари дрФтодм
به دامِ خطا و خطر درفتادم
Аз он шуд чунин рӯзгори нзорӣ
از آن شد چنین روزگارِ نزاری
Ба зорӣ ки бесиму зари дрФтодм
به زاری که بی سیم و زر درفتادم