Ёди он кас ки нарафта сети дамӣ аз ёдам

یادِ آن کس که نرفته ست دمی از یادم

Шодии ҷон касе каз ғам ӯ дили шодам

شادیِ جان کسی کز غم او دل شادم

Нозанинӣ ки агар сарв чу гул дар қадамаш

نازنینی که اگر سرو چو گل در قدمش

намефитад меравад аз пеш ки ман озодам

می فتد می رود از پیش که من آزادم

Оштӣ мекунаду ҷанги з сар ме гирад

آشتی می کند و جنگ ز سر می گیرد

Ношинав мекунад ва май шунӯди фарёдам

ناشنو می کند و می شنود فریادم

Гар ба дидор ман ояд бикашам дар поиш

گر به دیدارِ من آید بکشم در پایش

Ҷони ширин ки чу Фарҳоди фидояши бодам

جانِ شیرین که چو فرهاد فدایش بادم

Як назар кардам ва дар даст маломат мондам

یک نظر کردم و در دستِ ملامت ماندم

Як қадам рафтам ва дар доми балои афтодам

یک قدم رفتم و در دامِ بلا افتادم

Худ қазоро назарам бар тарафӣ ме уфтад

خود قضا را نظرم بر طرفی می افتد

Ки дилам меравад ар дидаи з ҳам бикшодам

که دلم می رود ار دیده ز هم بگشادم

Ғами фарзанди касон чанд хӯрам воўилоаҳ

غمِ فرزندِ کسان چند خورم واویلاه

То ман аз модари фитрат ба чаҳ толеъи зодам

تا من از مادرِ فطرت به چه طالع زادم

То чаро манъ ҳаме кард зи мутриби падарам

تا چرا منع همی کرد ز مطرب پدرم

То чаро чанг наёмухт марои устодам

تا چرا چنگ نیاموخت مرا استادم

Ҷигарам хӯн шуду ботин ба касе нанамудам

جگرم خون شد و باطن به کسی ننمودم

Зоҳираши он ки зи сар шефтагӣ биниҳодам

ظاهرش آن که ز سر شیفتگی بنهادم

Аиҳо аннос чаҳ ҳосили зи насиҳат кардан

ایّها النّاس چه حاصل ز نصیحت کردن

Ки азин гӯш бидон мегузарад чун бодам

که ازین گوش بدان می گذرد چون بادم

Чанд гӯйанд нзории буна аз сари савдо

چند گویند نزاری بنه از سر سودا

Ҳар чаҳ ояд ба серуми тан ба қазо дар додам

هر چه آید به سرم تن به قضا در دادم