Маро ки аз ту муяссар намешавад як дам

مرا که از تو میسّر نمی شود یک دم

Дамӣ ки бе ту барояд на дам буд ки надам

دمی که بی تو برآید نه دم بود که ندم

Хулоса ҳар дам вақтаст аз ҳаёти балӣ

خلاصه هر دم وقت است از حیات بلی

Дамӣ ки бе ту равад он на дам буд ки адам

دمی که بی تو رود آن نه دم بود که عدم

Ман он неам ки хилофи муҳаббат ту кунам

من آن نی ام که خلافِ محبّتِ تو کنم

Агар серум баравад дар сари саботи қадам

اگر سرم برود در سرِ ثباتِ قدم

Ман аз ту роҳату шодӣ тамаъ наме дорам

من از تو راحت و شادی طمع نمی دارم

Ки дӯстии ҳамаи сармоя ғамасту ?илам

که دوستی همه سرمایۀ غم است و الم

Ба иттифоқи мулоқоти қонеъам аз ту

به اتّفاقِ ملاقات قانعم از تو

Ба муддатӣ ки муяссар шавад з беш ваз кам

به مدّتی که میسّر شود ز بیش وز کم

Ту шоҳи бозӣу авло ба дасти шоҳоне

تو شاه بازی و اَولا به دست شاهانی

Висол ту набӯд лоиқи убайду хадам

وصال تو نبود لایقِ عبید و خدم

Ту сар ба симу зари сади хазинаи дрнорӣ

تو سر به سیم و زرِ سد خزینه درناری

Даҳон ту натавон кард муштабаҳ ба дирам

دهان تو نتوان کرد مشتبه به درم

Қад туро натавон гуфт сарв ва ҳам набӯд

قد ترا نتوان گفت سرو و هم نبود

Ба сарв бар гулу шафтолуу анор ба ҳам

به سرو بر گل و شفتالو و انار به هم

Гумони набард касе то надид чашму лабат

گمان نبرد کسی تا ندید چشم و لبت

Ки ин ду маст малеҳанд рашки тарку аҷам

که این دو مستِ ملیح اند رشکِ ترک و عجم

Дам аз нзории ту бе ту бар наме ояд

دم از نزاری تو بی تو بر نمی آید

Аз он чунин нафасаши омадаи сет бо як дам

از آن چنین نَفَسش آمده ست با یک دم