Агар висол муяссар шавад дигар боРом

اگر وصال میسّر شود دگر بارم

Фироқ беш фиребам диҳад напиндорам

فراق بیش فریبم دهد نپندارم

зи бас ки хайли хаёлат азоб ме дорад

ز بس که خیلِ خیالت عذاب می دارد

Ҳазор ҷаҳд кунам то шабӣ ба рӯзи орм

هزار جهد کنم تا شبی به روز آرم

Чу жола бар варақи сурхи гули шақоӣқи ашк

چو ژاله بر ورقِ سرخ گل شقایقِ اشک

зи абри дидаи пурхӯни чунон фурӯи боРом

ز ابرِ دیدۀ پرخون چنان فرو بارم

Ки мавҷ то ба гиребон барояд аз доман

که موج تا به گریبان برآید از دامن

Гар остини зираи сайл дида бурдорам

گر آستین زرهِ سیلِ دیده بردارم

Чу бо хаёлаши ҳам хона ме тавонам буд

چو با خیالش هم خانه می توانم بود

Рақиби гӯ ба сари кӯй дӯст магузорам

رقیب گو به سرِ کویِ دوست مگذارم

намеравад нафасии чашмҳоаш аз чашмам

نمی رود نفسی چشم هاش از چشمم

Ки бар ситора бомаст чашми бедорам

که بر ستارۀ بام است چشم بیدارم

Фиғони зи дасти маломати гарони нои ҳамвор

فغان ز دستِ ملامت گرانِ نا هموار

Ки сари зи хиҷлати ин дар кашида ҳам ворам

که سر ز خجلتِ این در کشیده هم وارم

Мгири муддати ҳиҷрони нзорёи зи ҳаёт

مگیر مدّتِ هجران نزاریا ز حیات

Ки ман азоб ?илем аз ҳаёт нишморам

که من عذابِ الیم از حیات نشمارم

Агар қазои фироқам амон нахоҳад дод

اگر قضایِ فراقم امان نخواهد داد

Гувоҳ бош ки ман зини ҳаёти безорам

گواه باش که من زین حیات بیزارم