Манам ки брнкнм аз остони ёри серум

منم که برنکنم از آستان یار سرم

Агар ба санг бикӯбанд ҳам чу мори серум

اگر به سنگ بکوبند هم چو مار سرم

Ба дида чун бхромди нуҳум чаро нануҳум

به دیده چون بخرامد نهم چرا ننهم

Ба зер ҳар қадамашгар буд ҳазор серум

به زیر هر قدمش گر بود هزار سرم

Бар остон дараш сари ниҳодаи пиндорам

بر آستان درش سر نهاده پندارم

Ки офтоби гирифтаи сет дар канори серум

که آفتاب گرفته ست در کنار سرم

Нигоҳи наргиси масташ ба кист оҳи дареғ

نگاه نرگس مستش به کیست آه دریغ

Ки чун бунафшаи фурушади дарин хумори серум

که چون بنفشه فروشد درین خمار سرم

Чу бар ҳарир неам дар канори гули хуфта

چو بر حریر نی ام در کنار گل خفته

Дареғ нест ки болин кунад зи хори серум

دریغ نیست که بالین کند ز خار سرم

Ба ихтиёр бидодам зи дасти домани дил

به اختیار بدادم ز دست دامن دل

Вале зи дасти надодам ба ихтиёри серум

ولی ز دست ندادم به اختیار سرم

Гузашти умраму умрии гузашт то мондаи сет

گذشت عمرم و عمری گذشت تا مانده ست

Буруни зи ғурфа ӣ умеди зи интизори серум

برون ز غرفه ی امید ز انتظار سرم

Сари азиз чаро май даҳум ба дасти фано

سر عزیز چرا می دهم به دست فنا

На охир аз дар ёраст ёдгори серум

نه آخر از در یار است یادگار سرم

Нзорӣам на ба зорӣ чу ғофилон дигар

نزاری ام نه به زاری چو غافلان دگر

Ки пой мол кунад хоби рӯзгори серум

که پای مال کند خوابِ روزگار سرم

Агар чаҳ бесар ва поем фурӯ наме ояд

اگر چه بی سر و پایم فرو نمی آید

Ба чори болаши арқони ифтихори серум

به چار بالش ارکان افتخار سرم