Наомадӣ ва ман аз интизор май сӯзам
نیامدی و من از انتظار می سوزم
Дар орзӯии висоли ту зор май сӯзам
در آرزویِ وصال تو زار می سوزم
Бар оби дида ӣ ман раҳм кун агар ёрӣ
بر آبِ دیده ی من رحم کن اگر یاری
Ки ман бар оташи ҳиҷрони ёр май сӯзам
که من بر آتشِ هجرانِ یار می سوزم
з бе қарории ман бар қарор бе хабарӣ
ز بی قراریِ من بر قرار بی خبری
Вале ман аз ғами ту барқарор май сӯзам
ولی من از غم تو برقرار می سوزم
Бсухтам зи фироқи ту ва надонистам
بسوختم ز فراقِ تو و ندانستم
Ки аз барои ки баҳр чаҳ кор май сӯзам
که از برایِ که بهرِ چه کار می سوزم
з сӯхтан хабарӣ нест ҳамчуи шамъи маро
ز سوختن خبری نیست همچو شمع مرا
Чаҳ ихтиёр ки беихтиёр май сӯзам
چه اختیار که بی اختیار می سوزم
Аҷабтар ин ки ба ҳар анҷумани зи ғояти шавқ
عجب تر این که به هر انجمن ز غایتِ شوق
зи шамъи давраму парвонаи вор май сӯзам
ز شمع دورم و پروانهوار می سوزم
зи чашми масти ту маҳрӯм айн махмураст
ز چشمِ مستِ تو محروم عینِ مخمورست
Агар чаҳ маст туам дар хумор май сӯзам
اگر چه مستِ تو ام در خمار می سوزم
Ту гули изорӣ ва ман булбул ва ту фориғ аз он
تو گُلعذاری و من بلبل و تو فارغ از آن
Ки ман бар оташи ҳиҷрон чу хор май сӯзам
که من بر آتشِ هجران چو خار می سوزم
Қисм ба оташи ёқӯти обдори лабат
قسم به آتشِ یاقوتِ آبدارِ لبت
Ки бо ду дида ӣ ёқӯти бор май сӯзам
که با دو دیده ی یاقوتبار می سوزم
Дар интизори нзорӣ зор ме гуяд
در انتظار نزاریِ زار می گوید
Наомадӣ ва ман аз интизор май сӯзам
نیامدی و من از انتظار می سوزم