Ҳам аз шикастани паймони ёр май тарсам

هم از شکستنِ پیمانِ یار می ترسم

Ҳам аз замона ӣ нопойдор май тарсам

هم از زمانه ی ناپایدار می ترسم

Надоди дасти вафо вар диҳад наме поед

نداد دستِ وفا ور دهد نمی پاید

зи номусоидии рӯзгор май тарсам

ز نامساعدیِ روزگار می ترسم

Агар чаҳ ман надаҳум ихтиёри хеш аз даст

اگر چه من ندهم اختیارِ خویش از دست

зи даст агар баравад ихтиёр май тарсам

ز دست اگر برود اختیار می ترسم

Фиғони зи дил ки насиҳат дар ӯ наме гирад

فغان ز دل که نصیحت در او نمی گیرد

зи тангнои дил беқарор май тарсам

ز تنگنایِ دلِ بی قرار می ترسم

Балои ишқ чу нозил шавад барандозад

بلایِ عشق چو نازل شود براندازد

Русуми ақл ва аз он но ба кор май тарсам

رسومِ عقل و از آن نا به کار می ترسم

Муҳаббатасту иродат ки муттасил нашавад

محبّت است و ارادت که متصل نشود

Аз ин ду қоидаии устувор май тарсам

از این دو قاعدهی استوار می ترسم

Маро ки булбули гулзор ишқ ме хонанд

مرا که بلبلِ گلزارِ عشق می خوانند

Чигуна гӯям аз осеби хор май тарсам

چگونه گویم از آسیبِ خار می ترسم

Дилами ббрдии ҷонои зи ғамзаии чашмат

دلم ببردی جانا ز غمزهی چشمت

Агар ба ҷони надиҳад зинҳор май тарсам

اگر به جان ندهد زینهار می ترسم

Хиради зи ғамзаии шӯх ту мекунад парҳез

خرد ز غمزهی شوخِ تو می کند پرهیز

Чу маст бошад ва ман аз хумор май тарсам

چو مست باشد و من از خمار می ترسم

Канори васл ба ман кардае ҳўолт ва ҳаст

کنارِ وصل به من کرده ای حوالت و هست

Дар ин миёни суханӣ каз канор май тарсам

در این میان سخنی کز کنار می ترسم

Каманди зулфи ту ҳалқам гирифту маъзӯрам

کمندِ زلفِ تو حلقم گرفت و معذورم

Агар зи силсилаи девонаи вор май тарсам

اگر ز سلسله دیوانه‌وار می ترسم

Туе муроди сухан дар биҳишт ва дӯзах нест

تویی مراد سخن در بهشت و دوزخ نیست

Ба дӯстӣ агар аз нуру нор май тарсам

به دوستی اگر از نور و نار می ترسم

зи дафъ кардан бегонагон наяндешам

ز دفع کردنِ بیگانگان نیندیشم

зи ошно шудани интизор май тарсам

ز آشنا شدنِ انتظار می ترسم

Раҳат ба гиря аз он об май занами ҳамвор

رهت به گریه از آن آب می زنم هموار

Ки бар дилат нанишинад ғубор май тарсам

که بر دلت ننشیند غبار می ترسم

Қарору сабру саботу шикеб май бояд

قرار و صبر و ثبات و شکیب می باید

Чу нест ҳосил аз ин ҳар чаҳор май тарсам

چو نیست حاصل از این هر چهار می ترسم

Агар дар оинаӣ рӯй ту расад ҳайҳот

اگر در آینهی رویِ تو رسد هیهات

зи дӯди оҳи нзории зор май тарсам

ز دودِ آهِ نزاریِ زار می ترسم