Дил надорам ки з рӯй ту шикеб бошам
دل ندارم که ز رویِ تو شکیبا باشم
Чун кунам чанд чунин бедил ва танҳо бошам
چون کنم چند چنین بی دل و تنها باشم
Бедилонанд ки аз дӯст надоранд шикеб
بی دلاناند که از دوست ندارند شکیب
Ба ҳамаи ваҷҳ агар бошам аз онҳо бошам
به همه وجه اگر باشم از آنها باشم
Ҳамаи шаб дар талаби васли ту чун хоми тамаъ
همه شب در طلبِ وصلِ تو چون خامْ طمع
Бо дилии сӯхта дар пухтан савдо бошам
با دلی سوخته در پختنِ سودا باشم
Ёрбам тоқати хуршед ҷамолат бошад
یاربم طاقتِ خورشیدِ جمالت باشد
То замонии нигарон дар ту чу ҳрбо бошам
تا زمانی نگران در تو چو حربا باشم
Буи ислом наёяд зи ману ранги салоҳ
بویِ اسلام نیاید ز من و رنگِ صلاح
То парастанд ҳаии он зулф чилипо бошам
تا پرستندهٔ آن زلفِ چلیپا باشم
Аз хирадмандӣу доноӣ ман ноед ҳеҷ
از خردمندی و داناییِ من ناید هیچ
То ман ошуфта ӣ он қомат ва боло бошам
تا من آشفتهٔ آن قامت و بالا باشم
Тамаъи садри сарои парда ӣ васлати ҳайҳот
طمعِ صدرِ سراپردهٔ وصلت هیهات
Лоиқи суҳбати дарбони ту оё бошам
لایقِ صحبتِ دربان تو آیا باشم
Гар ба бут хона фиристӣу ишорати ронӣ
گر به بتخانه فرستی و اشارت رانی
Ба парастидани лоату ҳбл онҷо бошам
به پرستیدنِ لات و هبل آنجا باشم
Арзи ҳукм ту бигардам ману саргардонӣ
ارز حکم تو بگردم من و سرگردانی
Ба ризои туу рои ту рӯм то бошам
به رضایِ تو و رایِ تو روم تا باشم
Нақд чун ҳосил вақтасту муҳайёи имрӯз
نقد چون حاصلِ وقت است و مهیّا امروز
Пас чаро мунтазири ваъдаӣ фардо бошам
پس چرا منتظرِ وعدهٔ فردا باشم
Сайқали занги ғами ойӣна ӣ дилро ҳайҳот
صیقلِ زنگِ غم آیینهٔ دل را هیهات
Чун нзории ман аз он мўлъ саҳбо бошам
چون نزاری من از آن مولعِ صهبا باشم
Ин ҳамаи мастӣу ошуфтагии ман зон аст
این همه مستی و آشفتگی من زآن است
То хилофи равиши зоҳид раъно бошам
تا خلافِ روشِ زاهدِ رعنا باشم