Накард бо сари зулфи ту ҳеҷ кори дилам
نکرد با سر زلف تو هیچ کار دلم
Бабрад дар талаби васли рӯзгори дилам
ببرد در طلب وصل روزگار دلم
Бар оташаст дарунам чу кӯра ӣ ҳаддод
بر آتش است درونم چو کوره ی حداد
Чигуна бар сар оташ кунад қарори дилам
چگونه بر سر آتش کند قرار دلم
Дар интизори халосии зи тангнои вуҷӯд
در انتظار خلاصی ز تنگنای وجود
Ба гирд сина барояд ҳазор бори дилам
به گردِ سینه برآید هزار بار دلم
Чунон ки модари мушфиқи азизи фарзандӣ
چنان که مادر مشفق عزیز فرزندی
Ғамат ба меҳри гирифтаи сет дар канори дилам
غمت به مهر گرفته ست در کنار دلم
Чу нест манзилаши андари хури нузули ғамат
چو نیست منزلش اندر خورِ نزول غمت
Буд з рӯй хаёли ту шармсор дилам
بود ز روی خیال تو شرم سار دلم
Кадоми дил , зи куҷои дил , ки рости дил , кӯи дил
کدام دل، ز کجا دل، که راست دل، کو دل
Ки аз ду дида бурун кардӣ эйнигор дилам
که از دو دیده برون کردی ای نگار دلم
Чу қатраи қатра бурун шуд зи дида чун гӯям
چو قطره قطره برون شد ز دیده چون گویم
зи ман мкобраҳ бар бӯда Эй биор дилам
ز من مکابره بر بوده ای بیار دلم
Гар ихтиёри дил аз дасти пеши азин рафтаи сет
گر اختیار دل از دست پیش ازین رفته ست
Кунун з даст бишуд ҳам чу ихтиёри дилам
کنون ز دست بشد هم چو اختیار دلم
Чунон макун ки ба ҳасрат фурӯ шавад ҷонам
چنان مکن که به حسرت فرو شود جانم
Ки бас ба дард фурӯ шуд ба интизори дилам
که بس به درد فرو شد به انتظار دلم
Чаҳ суд агарчӣ бигӯе басии зи баъди вафот
چه سود اگرچه بگویی بسی ز بعد وفات
Ки аз вафот нзорӣ бсухт зори дилам
که از وفات نزاری بسوخت زار دلم