Масту лоиъқлу дардии каш ва хам пардозем

مست و لایعقل و دردی کش و خم پردازیم

Ринду шӯридау девона ва шоҳид бозем

رند و شوریده و دیوانه و شاهد بازیم

Шаҳр бефитна набошад зчўи мо шефтагон

شهر بی‌فتنه نباشد زِچو ما شیفتگان

Ки бутӣ мешиканем ва дгарӣ ме созем

که بتی می‌شکنیم و دگری می‌سازیم

Зоҳидиро ба чаҳ зоданд ва чаҳ май парварданад

زاهدان را به چه زادند و چه می‌پروردند

То ба эшон замёни дил ва ҷон пардозем

تا به ایشان زِمیانِ دل و جان پردازیم

Ақл зояд шуд ва мустағриқ ӯйем чунон

عقل زاید شد و مستغرقِ اوییم چنان

Ки дигар бо худ ва бо ақл наме пардозем

که دگر با خود و با عقل نمی‌پردازیم

Падарам гуфт ки « ҳон ! то ба кӣ аз шефтагӣ ? »

پدرم گفت که «هان! تا به کی از شیفتگی؟»

Гуфтам « эй бобо ! мо масти абади зоғозим »

گفتم «ای بابا! ما مستِ ابِد زآغازیم»

Гар чаҳ аз шиша ӣ тақдири чунон мстоним

گر چه از شیشه‌ی تقدیر چنان مستانیم

Санг дар коргаҳи кӯза гарон андозем

سنگ در کارگهِ کوزه‌گران اندازیم

Ҳамчуи тӯтӣ ба латофати ҳама ҷон гуфторем

همچو طوطی به لطافت همه جان گفتاریم

Ҳамчуи булбул ба фасоҳати ҳама тан овозем

همچو بلبل به فصاحت همه تَن آوازیم

Сӯрати моу маъонии нзории неи не

صورت ما و معانیِ نزاری نی‌نی

Ки нзорӣ нишуем ар чу қалами бгдозим

که نزاری نشویم ار چو قلم بگدازیم