Ба дард ишқ шудам мубталои давои з ки ҷӯям

به دردِ عشق شدم مبتلا دوا ز که جویم

Ба ҳеҷ кас натавонам ки ин ҳадис гӯям

به هیچ کس نتوانم که این حدیث گویم

зи баҳри он ки наёрам ба дӯст гуфт ва ба душман

ز بهرِ‌آن که نیارم به دوست گفت و به دشمن

Хушаст сарзаниши дӯсту душман аз ҳама сӯем

خوش است سرزنشِ دوست و دشمن از همه سویم

Забон дароз кунам ҳам чу шамъ сар бибаредам

زبان دراز کنم هم چو شمع سر ببریدم

з гуфт вгўии ҳамон ба буд ки даст башуем

ز گفت‌وگوی همان به بود که دست بشویم

зи бим сар накунам низ эҳтиёту лекин

ز بیمِ سر نکنم نیز احتیاط و لیکن

Хилофи рой касе чун кунам ки ошиқ ӯем

خلافِ‌رای کسی چون کنم که عاشقِ‌اویم

Ҳазор тавбаи бкрдми зи ишқу санги маломат

هزار توبه بکردم ز عشق و سنگِ‌ملامت

Чу бод мешаканд бози тавба ӣ чу сабуем

چو باد می‌شکند باز توبه‌ی چو سبویم

Хаёл буд марои пеши азин ки дар талаби васл

خیال بود مرا پیش ازین که در طلبِ وصل

Ба қадар вусъ бакӯшам ба пои ҷаҳди бпўим

به قدر وسع بکوشم به پایِ جهد بپویم

Савоб нест ҷузи инам кунун ки хуш биншинам

صواب نیست جز اینم کنون که خوش بنشینم

Чу давр нест чаҳ пўим чу бо манаст чаҳ чуем

چو دور نیست چه پویم چو با من است چه چویم

Ба шахси сокини кунҷам ба дили мулозими ёрам

به شخص ساکن کنجم به دل ملازمِ‌ یارم

Ба дида бар лаби бомам ба гӯш бар сар кӯем

به دیده بر لب بامم به گوش بر سرِ کویم

Чаҳ ҳоҷатаст ба гуфтани ғами ниҳони нзорӣ

چه حاجت است به گفتن غمِ نهانِ نزاری

Биё мутолиа кун рози дили зи сафҳа ӣ рӯем

بیا مطالعه کن رازِ دل ز صفحه‌ی رویم