Чун дардманд ба ҳии алии алслот

چون دردمند به حیّ علی الصّلات

Соқӣ ба дасти ман даҳ сармоя ӣ ҳаёт

ساقی به دست من ده سرمایه ی حیات

Доне ки баси савоб ҷазиласт агар кунӣ

دانی که بس ثوابِ جزیل است اگر کنی

Дафъи хумори сахт ки ҷузи ваии сет аз мамот

دفعِ خمارِ سخت که جز وی ست از ممات

Як дам мувофиқат кун ва дар кор хайр бош

یک دم موافقت کن و در کارِ خیر باش

То вораҳонем ба се косаи зи шаш ҷаҳот

تا وارهانیم به سه کاسه ز شش جهات

То бар лаби ту нӯш кунам май ки хуш тар аст

تا بر لبِ تو نوش کنم می که خوش تر است

Бар сабза ӣ лабӣ ки буд хуштар аз набот

بر سبزه ی لبی که بود خوش تر از نبات

Хати сиёҳи мӯрча бар ориз чу гул

خطِّ سیاهِ مورچه بر عارضِ چو گل

Хуб омадааст на хати омил ба тараот

خوب آمده است نه خطِ عامل به ترّهات

На на ба ҳукми иззату ҳурмати хати лабаш

نه نه به حکمِ عزّت و حرمت خطِ لبش

Ҳар шаби марои шабӣ дигараст аз шаби барот

هر شب مرا شبی دگر است از شبِ برات

Мо ва майу таҳаммули таъни ҷҳўл агар

ما و می و تحمّلِ طعن جهول اگر

Сад бор бар замин фитад ин чарх бе сабот

صد بار بر زمین فتد این چرخ بی ثبات

Бар муддаӣ ки арза кунад аз забони ман

بر مدّعی که عرضه کند از زبانِ من

К-эии монда дар талотуми дарёии мӯҳликот

کای مانده در تلاطمِ دریایِ مُهلکات

Номумкинаст тавба ӣ ман аз ҳаёти маҳз

ناممکن است توبه ی من از حیاتِ محض

Чизеи з ман махоҳ ки набӯд зи мумкинот

چیزی ز من مخواه که نبود ز ممکنات

Ҷузи хӯни руз ба гардани ман ҳеҷ ӯҳда нест

جز خون رز به گردنِ من هیچ عهده نیست

Ман зиндаам ба ишқи мтрсонм аз мӯот

من زنده ام به عشق مترسانم از موات

Он ҷо ки мавкиби ҳасанот ошкор шуд

آن جا که موکبِ حسنات آشکار شد

Осор кӣ бимонад аз анвоъи сиӣот

آثار کی بماند از انواعِ سیّئات

То кӣ з « лои наслам » ту дар қабули ҳақ

تا کی ز«لا نسلّمِ» تو در قبولِ حق

Ло дар шаҳодатаст ба ваҷҳеи бтар зулот

لا در شهادت است به وجهی بتر زلات

Бисёр чун ту гашт ба тӯфони ҷаҳли ғарқ

بسیار چون تو گشت به طوفانِ جهل غرق

Киштии Нӯҳи вақти талаб аз паии наҷот

کشتیِّ نوحِ وقت طلب از پی نجات

Сари рез май рӯй з бар бут ба анткос

سر ریز می روی ز برِ بت به انتکاس

Ваа ваа ки Макка боз ндонӣ зи сўмнот

وه وه که مکّه باز ندانی ز سومنات

Ширкаст мо ва ман ман ва мо кӣ расад дарав

شرک است ما و من من و ما کی رسد درو

Пас зот бесифат нашавад қобили сифот

پس ذاتِ بی صفت نشود قابلِ صفات

Ҳаргиз наёмадааст ва наёяд нзорё

هرگز نیامده است و نیاید نزاریا

Дар ҳизи сифоти ту маъбуди коинот

در حیّزِ صفاتِ تو معبود کاینات

Ваҳми ту кӣ расад ба сари ону ақли ту

وهمِ تو کی رسد به سرِ آن و عقل تو

Он ҷо ки зот пок шавад муттаҳид ба зот

آن جا که ذات پاک شود متحد به ذات