Ҳар шаб аз айвон ба кайвон бугзарад фарёди ман

هر شب از ایوان به کیوان بگذرد فریادِ من

Ҳар замон дар мавҷ хӯн уфтад дили ношоди ман

هر زمان در موجِ خون افتد دلِ ناشادِ من

ё раб аз ман ҳеҷ ёд оварад онк аз назд ӯ

یا رب از من هیچ یاد آورد آنک از نزدِ‌ او

То бирафтам як нафас ҳаргиз нарафт аз ёди ман

تا برفتم یک نفس هرگز نرفت از یاد من

Ҷаври ҳиҷрон май кашам бар буии он каз васл ӯ

جور هجران می‌کشم بر بویِ‌ آن کز وصلِ‌ او

Боз бастанд шабии дигар замона дод ман

باز بستاند شبی دیگر زمانه دادِ من

Ишқ ҳар бор дигар бар ман асосӣ май ниҳод

عشق هر بارِ دگر بر من اساسی می‌نهاد

Омадаи сети ин бор то бар ҳам занад бунёди ман

آمده‌ست این بار تا بر هم زند بنیادِ من

Бо хирадмандон агар улфат надорам бок нест

با خردمندان اگر الفت ندارم باک نیست

Ишқ бар ман арза кард аввали қадами устоди ман

عشق بر من عرضه کرد اوّل قدم استادِ من

Зини камандам ҳолиё бории халосӣ рӯй нест

زین کمندم حالیا باری خلاصی روی نیست

Муҳками афтодаи сети қайди хотири озоди ман

محکم افتاده‌ست قیدِ خاطرِ آزادِ من

Дар намегунҷад нзорӣ хона бигрифта сети дӯст

در نمی‌گنجد نزاری خانه بگرفته‌ست دوست

Рахти гӯи берун бар аз кунҷи хаёли ободи ман

رخت گو بیرون بر از کنجِ خیال آبادِ من