Моро ки биҷуз бар рухи хубат назарӣ нест
ما را که بجز بر رخ خوبت نظری نیست
Ҷузи хоки кафи пои ту кӯҳл албсрӣ нест
جز خاک کف پای تو کحل البصری نیست
Шоҳои зи атои ту куҷо чашм бапушам
شاها ز عطای تو کجا چشم بپوشم
Ҳар чанд туро бар дили мискин назарӣ нест
هر چند ترا بر دل مسکین نظری نیست
Чун мурғи дил аз гӯшаи боми ту нахайрад
چون مرغ دل از گوشه بام تو نخیرد
Каз санги рақибон дигараш бол ва парӣ нест
کز سنگ رقیبان دگرش بال و پری نیست
Дилро ки бихон ғами ишқат шудаи меҳмон
دل را که بخوان غم عشقت شده مهمان
Ҷузи моидаи дарди бҷони мо ҳзрӣ нест
جز مائده درد بجان ما حضری نیست
Нахлӣаст муҳаббат ки заҳри дил ки бирӯяд
نخلی است محبت که زهر دل که بروید
Ҷузи меҳнату андӯҳи ғамаш борварӣ нест
جز محنت و اندوه غمش باروری نیست
Зоҳиди з чаҳ такзиб кунӣ бодаи кашон ро
زاهد ز چه تکذیب کنی باده کشان را
Ҳеҷат магар аз мухбири содиқ хабарӣ нест
هیچت مگر از مخبر صادق خبری نیست
Аз дидаи маънӣ назарӣ кун ки ба бинӣ
از دیده معنی نظری کن که به بینی
Ҷузи нури алӣ дар ду ҷаҳони ҷилва гарӣ нест
جز نور علی در دو جهان جلوه گری نیست