Орифӣ дид дунёро дар олами рؤёи духтари Ҷамила бо қомати раънои доғҳояш бар ҷабини мубин ва ҷароҳатҳо бар пушти пой нигорин пурсед ки ин доғ чарост ва ин ҷароҳат аз куҷост гуфт бисёре аз ҷавонмардон ҳастанд ки аз шароби қурби илоҳии мустанади гули муроди нчиннди ҷуз аз гулшану ғунчаи дили ншкФнди ҷуз ба насими анояти чндонкаҳи боби талаби бхўостгории эшон мигшоиму ҷабини мубин бар замини таманнои мисоими бории назари мулотафати ҷузи бкроҳти нмигшоинду қабули мзоўҷту мўослт ман нанамоянд чун марҳами васлам аз эшон ҳосил нест доғҳои чунин брҷбинм боқӣаст ва бисёре аз номардон мебошанд ки тухми муҳаббати ман дар дил мепошанд қадами нмизннди ҷуз ба қафои ману назари нмикннди ҷузи блқои ман пайвастаи бтлбкорӣ ман масруранд ва аз мақоми қурби зўолмнни даври чндонкаҳи бӯсаҳо аз пои ман мирбоинду ҷабини тмномисоинд на эшонро аз мўослти сўдист ва на маро аз мулотафати эшон беҳбӯдии ҷроҳтикаҳ аз пой ман равонаст аз асари бӯсаи рбоӣӣу ҷабин соӣӣ эшонаст

عارفی دید دنیا را در عالم رؤیا دختر جمیله با قامت رعنا داغهایش بر جبین مبین و جراحتها بر پشت پای نگارین پرسید که این داغ چراست و این جراحت از کجاست گفت بسیاری از جوانمردان هستند که از شراب قرب الهی مستند گل مراد نچینند جز از گلشن و غنچه دل نشکفند جز به نسیم عنایت چندانکه باب طلب بخواستگاری ایشان میگشایم و جبین مبین بر زمین تمنا میسایم باری نظر ملاطفت جز بکراهت نمیگشایند و قبول مزاوجت و مواصلت من ننمایند چون مرهم وصلم از ایشان حاصل نیست داغهای چنین برجبینم باقیست و بسیاری از نامردان میباشند که تخم محبت من در دل می پاشند قدم نمیزنند جز به قفای من و نظر نمیکنند جز بلقای من پیوسته بطلبکاری من مسرورند و از مقام قرب ذوالمنن دور چندانکه بوسه ها از پای من میربایند و جبین تمنامیسایند نه ایشان را از مواصلت سودیست و نه مرا از ملاطفت ایشان بهبودی جراحتیکه از پای من روانست از اثر بوسه ربائی و جبین سائی ایشانست

Ореи ореи онкии марди ҳақ буд

آری آری آنکه مرد حق بود

Аз ғами дунёии дуни мутлақ буд

از غم دنیای دون مطلق بود

Худ напуед роҳи ҷузи роҳи ҳдо

خود نپوید راه جز راه هدا

Рӯ наёрад ҷузи бадаргоҳи худо

رو نیارد جز بدرگاه خدا

Шаста аз дунёу уқбои ҷумлаи даст

شسته از دنیا و عقبی جمله دست

Дрмқоми қурб ҳақ дорад нишаст

درمقام قرب حق دارد نشست

Вонкаҳ аз дунёии дун масрур шуд

وانکه از دنیای دون مسرور شد

Аз мақоми қурби эзад давр шуд

از مقام قرب ایزد دور شد

На зи дунёи коми вай ҳосил шавад

نه ز دنیا کام وی حاصل شود

На бўсли дӯст ӯ восил шавад

نه بوصل دوست او واصل شود

На даров ҳиҷла кунад домодӣӣ

نه دراو حجله کند دامادئی

На биҷуз ғам бошад ӯро шодӣӣ

نه بجز غم باشد او را شادئی

Гртў роҳаст эй писари ҳушии басар

گرتو راهست ای پسر هوشی بسر

Аз ғами дунёии фонии вогузор

از غم دنیای فانی واگذار

Бигузар аз ин куҳнаи золу шодяш

بگذر از این کهنه زال و شادیش

По манеҳ дар ҳиҷлаи домодяш

پا منه در حجله دامادیش

Рух битоб аз макри ин Фарҳоди каш

رخ بتاب از مکر این فرهاد کش

Гарчи ширинаст бошад рўтрш

گرچه شیرینست باشد روترش

Ин турши рўӣӣ харидан то бкӣ

این ترش روئی خریدن تا بکی

Кӯи бкўи доим давидан то бкӣ

کو بکو دایم دویدن تا بکی

Рўбҷў дар кунҷи азлати гӯша

روبجو در کنج عزلت گوشه

Хуши бадасти ор аз қаноати тӯша

خوش بدست آر از قناعت توشه

Бош қонеъ то науфтӣ дртмъ

باش قانع تا نیفتی درطمع

Каз тамаъ бо зиллат омад марди маъа

کز طمع با ذلت آمد مرد مع