Ҳосили зи зиндагонии мо ҷуз вабол нест

حاصل ز زندگانی ما جز وبال نیست

Вази рӯзгори баҳра ба ҷуз аз малол нест

وز روزگار بهره به جز از ملال نیست

Нақши се шаш талаб макун аз къбтини даҳр

نقش سه شش طلب مکن از کعبتین دهر

Кини нақши панҷ рӯзаи бурун аз хаёл нест

کین نقش پنج روزه برون از خیال نیست

Чун мансаби бузургӣ ва чун ҷоҳу малику мол

چون منصب بزرگی و چون جاه و ملک و مال

Бе всмти тазалзулу айб ва завол нест

بی وصمت تزلزل و عیب و زوال نیست

Хуши хотирӣ ки мансабу ҷоҳ орзӯ накард

خوش خاطری که منصب و جاه آرزو نکرد

Хуррами дилӣ ки дар талаби малик ва мол нест

خرم دلی که در طلب ملک و مال نیست

Аз хон мумсикони матлаби тӯшаи ҳаёт

از خوان ممسکان مطلب توشهٔ حیات

Кони луқмаи пеши аҳли тариқат ҳалол нест

کان لقمه پیش اهل طریقت حلال نیست

Дар вазъи рӯзгор назар кун ба чашми ақл

در وضع روزگار نظر کن به چشم عقل

Аҳвол кас мапурс ки ҷой савол нест

احوال کس مپرس که جای سؤال نیست

Чун зулфи тобдодаҳи хубон дар ин диёр

چون زلف تابدادهٔ خوبان در این دیار

Ҳарҷо ки саркашӣаст ба ҷуз поймол нест

هرجا که سرکشی است به جز پایمال نیست

Дар мавҷи фитнае ки хилоиқ фитода анд

در موج فتنه‌ای که خلایق فتاده‌اند

Фарёди рас ба ҷузи карам зулҷалол нест

فریاد رس به جز کرم ذوالجلال نیست

Аз ғам чунон бараст дили мо ки баъд аз ин

از غم چنان برست دل ما که بعد از این

Дар вай ба ҳеҷ ваҷҳи тарабро маҷол нест

در وی به هیچ وجه طرب را مجال نیست

Ҷонами фидои хотири соҳиби дилӣ ки гуфт :

جانم فدای خاطر صاحب دلی که گفت:

« Ширози ҷои мардуми соҳиб камол нест »

«شیراز جای مردم صاحب کمال نیست»

Дарвешӣу ғарибӣу заҳмати зи ҳади гузашт

درویشی و غریبی و زحمت ز حد گذشت

Зин беш эй убайди маро эҳтимол нест

زین بیش ای عبید مرا احتمال نیست