Туро ки гуфт ки бо мо вафо нишоед кард
تو را که گفت که با ما وفا نشاید کرد
Дурӯғ гуфт чаҳ бошад чаро нишоед кард
دروغ گفت چه باشد چرا نشاید کرد
Ғуломи лаъли лаби тести ҷони ширинам
غلام لعل لب تست جان شیرینم
Чунин ҳикояти ширин куҷо нишоед кард
چنین حکایت شیرین کجا نشاید کرد
Ба бӯсаи қасд лабат кардам аз миёни чашмат
به بوسه قصد لبت کردم از میان چشمت
Ба ғамза гуфт нишоед ?ҳулло нишоед кард
به غمزه گفت نشاید هلا نشاید کرد
Миёни мӯӣу миёни ту нукта борӣкаст
میان موی و میان تو نکته باریکست
Дар он миёни сухан аз лаб раҳо нишоед кард
در آن میان سخن از لب رها نشاید کرد
Ҳазор соли танамгар зи тан ҷудо монад
هزار سال تنم گر ز تن جدا ماند
Ҳануз меҳри ту аз ҷон ҷудо нишоед кард
هنوز مهر تو از جان جدا نشاید کرد
Ҳадиси дарди дили мустаманду синаи риш
حدیث درد دل مستمند و سینهٔ ریش
Ҳикоятӣаст ки дар солҳо нишоед кард
حکایتی است که در سالها نشاید کرد
Магари убайд ба ҷон бо лабам музоиқа кард
مگر عبید به جان با لبم مضایقه کرد
Ки ин ба мазҳаб асҳобно нишоед кард
که این به مذهب اصحابنا نشاید کرد